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गढ़वा: झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने गढ़वा जिलाध्यक्ष शंभू राम को संगठन विरोधी गतिविधियों के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। केंद्रीय नेतृत्व ने मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति को 10 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट केंद्रीय कार्यालय को सौंपने का निर्देश दिया गया है।
JMM केंद्रीय महासचिव विनोद कुमार पांडेय की ओर से 23 सितंबर को जारी कार्यालय आदेश के मुताबिक, जन-संवाद माध्यमों, सोशल मीडिया और गढ़वा जिले के वरिष्ठ नेताओं से मिली सूचनाओं के आधार पर शंभू राम के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है। जांच पूरी होने तक उनका निलंबन प्रभावी रहेगा।

जांच समिति में तनवीर आलम, मो. ताहिर अंसारी, जवाहर पासवान, राजकिशोर यादव और लल्लू राम को शामिल किया गया है। समिति आरोपों और पूरे घटनाक्रम की जांच कर केंद्रीय कार्यालय को रिपोर्ट सौंपेगी।
शंभू राम की गढ़वा विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी के साथ तस्वीर और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक चर्चा तेज हुई थी। इसके बाद शंभू राम ने प्रेसवार्ता कर अपनी स्थिति स्पष्ट की थी। मंगलवार देर रात एक और वीडियो वायरल होने की बात सामने आई, जिसमें वे विधायक के साथ बातचीत करते नजर आ रहे हैं। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
अब पार्टी की जांच समिति की रिपोर्ट के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई तय होगी। निलंबन के बाद गढ़वा में JMM के संगठनात्मक और राजनीतिक समीकरणों को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।






