
गया: बिहार के गया जिले से करीब 60 किलोमीटर दूर बांकेबाजार के कुंडिल गांव में अंधविश्वास का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। गांव में लगातार हो रही मौतों के बाद ग्रामीणों ने एक महिला को कथित तौर पर ‘डायन’ मान लिया। उसकी पहचान करने और उसे काबू करने के लिए झारखंड के चतरा जिले से तीन महिला भगतन (ओझा/तांत्रिक) को बुलाया गया। तांत्रिक क्रिया के लिए ग्रामीणों ने करीब 50 हजार रुपये चंदा भी जुटाया था।
बुधवार को गांव के सामुदायिक भवन में तीनों महिला भगतन तांत्रिक क्रिया कर रही थीं। इसी दौरान किसी ने इसकी सूचना पुलिस-प्रशासन को दे दी। खबर मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और तांत्रिक क्रिया को तत्काल रुकवा दिया। पुलिस ने तीनों महिला भगतन समेत दो पुरुषों को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया।
तीन-चार मौतों के बाद शुरू हुई ‘डायन’ की चर्चा
जानकारी के मुताबिक, बांकेबाजार थाना क्षेत्र के कुंडिल गांव में पिछले कुछ दिनों में तीन-चार लोगों की अचानक मौत हो गई थी। लगातार हो रही मौतों से ग्रामीणों में डर का माहौल था। इसी बीच गांव में अफवाह फैल गई कि एक महिला ‘डायन’ है और उसी के कारण लोगों की मौत हो रही है।
अफवाह धीरे-धीरे इतनी बढ़ गई कि ग्रामीणों ने कथित ‘डायन’ की पहचान करने और उसे तांत्रिक तरीके से काबू करने का फैसला कर लिया।
50 हजार रुपये जुटाकर चतरा से बुलाईं तीन भगतन
तांत्रिक क्रिया कराने के लिए ग्रामीणों ने आपस में करीब 50 हजार रुपये चंदा इकट्ठा किया। इसके बाद झारखंड के चतरा जिले के पत्थलगड़ा से तीन महिला भगतन को बुलाया गया।
ग्रामीणों के बीच यह बात फैलाई गई कि तांत्रिक क्रिया के जरिए कथित डायन की पहचान की जाएगी। यहां तक दावा किया जा रहा था कि भगतन अपनी कथित तांत्रिक शक्ति से महिला को नचाकर जमीन पर पटक देंगी।
यह बात आसपास के गांवों में भी फैल गई। इसके बाद कुंडिल गांव में बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुटने लगी।
तांत्रिक क्रिया के बीच पहुंची पुलिस
सामुदायिक भवन में तांत्रिक क्रिया चल ही रही थी कि पुलिस को इसकी जानकारी मिल गई। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर पूरी गतिविधि बंद करा दी।
इसके बाद तीनों महिला भगतन और दो पुरुषों को हिरासत में लेकर बांकेबाजार थाना ले जाया गया। पुलिस की कार्रवाई के बाद ग्रामीणों में नाराजगी फैल गई।
भगतन को हिरासत में लेने पर थाने पहुंचीं महिलाएं
तीनों महिला भगतन को हिरासत में लिए जाने की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण, खासकर महिलाएं, बांकेबाजार थाना पहुंच गईं। वहां लोगों ने पुलिस से बकझक की।
ग्रामीणों का कहना था कि तांत्रिक क्रिया पूरी होने तक पुलिस को हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। हालांकि पुलिस ने अंधविश्वास फैलाने और संभावित कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए कार्रवाई की।
15 नामजद समेत 20 लोगों पर FIR
मामले में पुलिस ने 15 नामजद समेत कुल 20 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। इसमें महिला भगतनों के साथ तांत्रिक क्रिया के आयोजन में शामिल ग्रामीणों को भी आरोपी बनाया गया है।
पुलिस ने हिरासत में ली गईं तीनों महिला भगतन समेत पांच लोगों को बाद में पांच-पांच लाख रुपये के बॉन्ड पर छोड़ दिया।
कुंडिल की घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में अंधविश्वास के नाम पर फैलने वाली अफवाहों और उसके गंभीर परिणामों को सामने ला दिया है। कुछ लोगों की अचानक मौत के बाद बिना किसी प्रमाण के एक महिला को ‘डायन’ मान लिया गया और उसकी पहचान के लिए बाकायदा तांत्रिक क्रिया का आयोजन कर दिया गया। पुलिस के समय पर पहुंचने से तांत्रिक क्रिया रुक गई। फिलहाल मामले में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई और घटना में शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।







