
लोगों ने किया हंगामा, अपराधियों के एनकाउंटर की मांग
आरा:भोजपुर जिले का आरा शहर गुरुवार की सुबह गोलियों की गूंज से दहल उठा। नवादा थाना क्षेत्र स्थित जैन कॉलेज गेट के समीप बेखौफ अपराधियों ने कस्टम विभाग के पूर्व असिस्टेंट कमिश्नर राम कुमार सिंह (67) को 8 गोलियों से छलनी कर मौत के घाट उतार दिया।
वारदात उस वक्त हुई जब राम कुमार सिंह अपने बेटे राजेश के साथ रोजाना की तरह रमना मैदान में मॉर्निंग वॉक के लिए निकलने वाले थे। बेटा गाड़ी में बैठकर पिता का इंतजार कर रहा था, तभी गैरेज का ताला बंद कर रहे पूर्व अधिकारी पर घात लगाए तीन शूटरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग झोंक दी। बेटे की आंखों के सामने पिता गोलियों से भून दिए गए, जबकि हमले में बेटा बाल-बाल बच गया। वारदात को अंजाम देकर हमलावर मौके से फरार हो गए।
लहूलुहान हालत में स्थानीय लोगों और पुलिस के सहयोग से उन्हें आरा सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बिहिया के डुमरिया गांव के मूल निवासी राम कुमार सिंह साल 2015 में भागलपुर से सेवानिवृत्त हुए थे और बिहार क्षत्रिय कल्याण संगठन के अध्यक्ष भी थे।
जमीन माफियाओं पर हत्या का आरोप
परिजनों ने वारदात के पीछे 13 कट्ठा जमीन को लेकर चल रहे पुराने विवाद को मुख्य वजह बताया है। मृतक के बेटे राजेश कुमार के अनुसार, नगर थाना क्षेत्र के सिंगही मोड़ स्थित उनकी पुश्तैनी-खरीदी जमीन पर भू-माफिया नजर गड़ाए हुए थे और इस बाबत पहले भी थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी। मृतक की पत्नी सुशाली देवी ने आरोप लगाया कि फर्जी दस्तावेजों के दम पर जमीन हड़पने की कोशिश की जा रही थी और पूर्व में भी घर आकर जान से मारने की खुली धमकी दी गई थी।
घटना की सूचना मिलते ही भोजपुर एसपी अवधेश दीक्षित और एसडीपीओ-1 सुशील कुमार भारी पुलिस बल व डीआईयू टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने प्राथमिक जांच के आधार पर मामले को सीधे तौर पर जमीन विवाद से जुड़ा बताया है और अपराधियों की धरपकड़ के लिए इलाके में नाकेबंदी कर दी है।





