
8.5 लाख की लागत से बन रहा भव्य पूजा पंडाल
जमशेदपुर:
लौहनगरी में शारदीय नवरात्र को लेकर उत्सव का माहौल गहराने लगा है। शहर के प्रमुख पूजा पंडालों में शुमार श्री श्री सार्वजनिक दुर्गा एवं काली पूजा कमिटी, बारिगोड़ा इस वर्ष श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनने जा रही है। वर्ष 1960 से अनवरत पूजा आयोजित कर रही यह कमिटी इस बार माँ भगवती के स्वागत के लिए एक काल्पनिक भव्य मंदिर का अद्वितीय प्रारूप तैयार करा रही है, जो अपनी नफासत भरी वास्तुकला और अलौकिक आभा से भक्तों को आकर्षित करेगा।
कांथी के 25 कुशल कारीगर दे रहे अंतिम रूप
मंदिर के इस प्रारूप को धरातल पर उतारने के लिए पश्चिम बंगाल के कांथी से 25 विशेष कारीगरों की टीम दिन-रात जुटी हुई है। पंडाल निर्माण में पारंपरिक और आधुनिक कला का खूबसूरत संगम देखने को मिलेगा:
आकार और लागत: लगभग ₹8.5 लाख की अनुमानित लागत से तैयार हो रहे इस पंडाल की ऊंचाई 65 फीट और चौड़ाई 55 फीट रखी गई है।
निर्माण सामग्री: इसे प्लाईवुड, लकड़ी, बांस और विशेष कपड़ों के संयोजन से तराशा जा रहा है।
वास्तुकला की खासियत: पंडाल के मुख्य शिखर, स्तंभों और बाहरी दीवारों पर देवी-देवताओं और पौराणिक प्रसंगों की मनमोहक नक्काशी की जा रही है। सुनहरे रंगों का विशेष इस्तेमाल मंदिर को एक दिव्य और भव्य लुक प्रदान करेगा, जो भारतीय स्थापत्य कला की समृद्ध विरासत को बयां करेगा।
13 फीट की अलौकिक प्रतिमा और 3 दिन महाभोग
पंडाल के भीतर माँ दुर्गा की 13 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी, जिसका निर्माण ₹50 हजार की लागत से किया गया है। कमिटी ने बताया कि पंडाल का विधिवत उद्घाटन महाषष्ठी के पावन दिन संपन्न होगा। इसके साथ ही महासप्तमी, महाष्टमी और महानवमी—तीनों दिन पूजा-अर्चना के उपरांत हजारों श्रद्धालुओं के बीच निःशुल्क महाभोग का वितरण सुनिश्चित किया जाएगा।
तैयारियों में जुटी आयोजन समिति
आयोजन को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने में कमिटी के पदाधिकारी मुस्तैदी से जुटे हैं। समिति के चीफ श्री दुबराज नाग, चेयरमैन श्री अमरनाथ चौबे, प्रेसिडेंट श्री आशुतोष सिंह, जनरल सेक्रेटरी श्री नीरज कुमार सिंह और कोषाध्यक्ष द्वय श्री बीरेन्द्र सिंह व श्री अमित ओझा ने श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि वे सपरिवार आकर माता के दर्शन करें और इस पावन उत्सव के साक्षी बनें।





