
जमशेदपुर:
शारदीय नवरात्रि और दुर्गा पूजा के पावन पर्व को निर्विघ्न, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने को लेकर जमशेदपुर के परसुडीह थाना परिसर में शांति समिति की एक उच्चस्तरीय व अहम बैठक संपन्न हुई।

त्योहार के दौरान विधि-व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त रखने, भीड़ नियंत्रण और बुनियादी सुविधाओं को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोजित इस बैठक में पुलिस प्रशासन, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, शांति समिति के सदस्यों और विभिन्न पूजा समितियों के पदाधिकारियों के बीच व्यापक विचार-विमर्श हुआ।
जमीनी समस्याओं और जरूरतों पर चरणबद्ध संवाद
बैठक के दौरान क्षेत्र की विभिन्न सार्वजनिक दुर्गा पूजा समितियों के अध्यक्षों एवं प्रतिनिधियों ने पंडाल निर्माण, विद्युत आपूर्ति, यातायात प्रबंधन, विसर्जन रूट और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी जमीनी समस्याओं व आवश्यकताओं को क्रमवार तरीके से मंच पर रखा। शांति समिति के प्रबुद्ध नागरिकों ने भी पर्व के दौरान आपसी भाईचारा बनाए रखने और असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने को लेकर कई व्यावहारिक सुझाव दिए, जिन्हें प्रशासनिक अधिकारियों ने गंभीरता से दर्ज किया।
प्रशासनिक मुस्तैदी और सामाजिक सहभागिता पर जोर
बैठक को संबोधित करते हुए पुलिस उपाधीक्षक (DSP) श्री सुमित कुमार सिंह एवं परसुडीह थाना प्रभारी श्री राजेंद्र मुंडा ने स्पष्ट किया कि पूजा के दौरान सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। संवेदनशील स्थलों पर अतिरिक्त बल की तैनाती, गश्ती अभियान और सीसीटीवी निगरानी पर विशेष ध्यान रहेगा। अधिकारियों ने दोहराया कि पुलिस-प्रशासन और जनता के बीच बेहतर तालमेल ही किसी भी बड़े आयोजन को सफल और सुरक्षित बनाता है।
आपसी सौहार्द से पर्व मनाने का सामूहिक संकल्प
बैठक का समापन सभी पक्षों द्वारा शांति, भाईचारे और कानून व्यवस्था के अनुपालन के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। वक्ताओं ने रेखांकित किया कि दुर्गा पूजा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि सामाजिक एकजुटता का उत्सव है, जहां स्थानीय समुदाय और शांति समिति की सक्रिय भागीदारी ही समाज में शांति और सौहार्द की नींव को मजबूत करती है।
बैठक में क्षेत्र के कई गणमान्य जनप्रतिनिधि, सैकड़ों की संख्या में शांति समिति के सम्मानित सदस्य एवं पूजा कमेटियों के प्रमुख पदाधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।





