
उत्तर प्रदेश:जिस मंच से मर्यादा पुरुषोत्तम राम की लीलाओं के आयोजन का ताना-बाना बुना जाना था, उसी चौखट पर चंद रुपयों के हिसाब ने बारूद का रूप ले लिया। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत स्थित अमरिया कस्बे में सोमवार की देर शाम ऐसा खूनी तांडव मचा कि इलाका गोलियों की तड़तड़ाहट से थर्रा उठा। हिसाब-किताब के नाम पर शुरू हुई तू-तू, मैं-मैं कुछ ही पलों में तीन युवकों की अर्थी में तब्दील हो गई।
बहीखाते का पन्ना खुला और चल गईं गोलियां
आगामी रामलीला मेले की रूपरेखा तय करने के लिए कमेटी के लोग जुटे थे। बातचीत का दौर चल ही रहा था कि किसी ने पिछले साल के आय-व्यय के ब्योरे पर सवाल दाग दिया। बस फिर क्या था, आरोप-प्रत्यारोप की चिंगारी भड़की और फिर असलहों से आग उगल दी गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बात इतनी तेजी से बिगड़ी कि संभलने का मौका तक नहीं मिला। ताबड़तोड़ फायरिंग में चार लोग लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े।
अस्पताल पहुंचते-पहुंचते बुझ गए तीन चिराग
खून से लथपथ 19 वर्षीय कुणाल, अंकित और मोहित को आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया। कुणाल और अंकित ने अमरिया में ही दम तोड़ दिया, जबकि जिंदगी की जंग लड़ रहे मोहित ने बरेली के अस्पताल में अंतिम सांस ली। एक घायल अभी भी अस्पताल के बेड पर जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है।
पुलिस छावनी बना कस्बा, मुख्य आरोपी हिरासत में
ट्रिपल मर्डर की खबर से पूरे इलाके में दहशत का सन्नाटा पसर गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी सुकीर्ति माधव मिश्रा और एएसपी हिमांशु गौरव भारी फोर्स के साथ मैदान में उतरे। पुलिस ने मुख्य आरोपी कौशल गुप्ता को धर दबोचा है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए ताबड़तोड़ दबिश दी जा रही है।




