
जमशेदपुर: सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स सभागार में आरटीआई कार्यकर्ता संघ की ओर से सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम पर एक दिवसीय राज्यस्तरीय सेमीनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि विधायक सरयू राय, विशिष्ट अतिथि पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी, संघ के अध्यक्ष दिल बहादुर, महासचिव कृतिवास मंडल, पूर्वी घोष, मुश्ताक अहमद और सदन ठाकुर ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
भ्रष्टाचार उजागर कर रहे हैं आरटीआई कार्यकर्ता: सरयू राय
मुख्य अतिथि पूर्व कैबिनेट मंत्री सह विधायक सरयू राय ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मौजूदा दौर में सूचना हासिल करना एक बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य बन चुका है। इसके बावजूद आरटीआई कार्यकर्ता जोखिम उठाकर भ्रष्टाचार को उजागर करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकारी पदाधिकारियों को अपनी जवाबदेही समझते हुए आम नागरिकों को समय पर सूचना उपलब्ध करानी चाहिए और इस व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए सरकार की जिम्मेदारी तय होना आवश्यक है।
डेढ़ महीने में होगी मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति: कुणाल षाड़ंगी
विशिष्ट अतिथि पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी ने आरटीआई को भ्रष्टाचार के खिलाफ जनता का सबसे बड़ा हथियार बताया। उन्होंने कहा कि युवाओं को इस कानून के प्रति जागरूक कर इसे गांव-गांव तक ले जाने की जरूरत है। षाड़ंगी ने भरोसा दिलाया कि आगामी एक से डेढ़ महीने के भीतर राज्य में मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने मांग रखी कि सूचना आयोग में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए राज्य सरकार को किसी योग्य आरटीआई कार्यकर्ता को भी आयुक्त के पद पर नियुक्त करना चाहिए।
लंबित अपीलें और कार्यकर्ताओं को धमकियां गंभीर चिंता का विषय
इससे पूर्व संघ के महासचिव कृतिवास मंडल ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। संघ के अध्यक्ष दिल बहादुर ने विषय प्रवेश कराते हुए कहा कि सूचना का अधिकार लोकतंत्र की मजबूती, सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और प्रशासनिक जवाबदेही तय करने का सशक्त माध्यम है। हालांकि, उन्होंने सूचना देने में होने वाली देरी, आयोग में लंबित अपीलों, राज्य सूचना आयोग की निष्क्रियता और आरटीआई कार्यकर्ताओं को मिलने वाली धमकियों पर गहरी चिंता व्यक्त की।
कार्यक्रम का संचालन दिनेश कर्मकार ने किया। स्वागत भाषण पूर्वी घोष तथा धन्यवाद ज्ञापन मुश्ताक अहमद ने दिया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से सदन ठाकुर, सुनील मुर्मू, एच. आर. केसरी, चंद्रशेखर रजक, अब्दुल जाकिर कादरी, सुलोचना मुंडा, सुशेन गोप, नीलकमल गोप, नरसिंह मुर्मू, अजय मांझी, रोहित कर्मकार और नीरज गोप सहित बड़ी संख्या में आरटीआई कार्यकर्ता उपस्थित थे।




