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राष्ट्रीय OBC मोर्चा के बैनर तले एकदिवसीय धरना,जनगणना में अलग कॉलम,प्रमाणित जाति सूची और कोडिंग व्यवस्था लागू करने की उठी मांग
आकाश लोहार
गढ़वा
किसी भी समाज की वास्तविक स्थिति को समझने और उसके विकास की दिशा तय करने के लिए उसकी सही जनसंख्या का आंकड़ा बेहद महत्वपूर्ण होता है,इसी आंकड़े को लेकर अन्य पिछड़ा वर्ग के अधिकारों और पहचान का मुद्दा एक बार फिर गढ़वा में उठाया गया,जातीय जनगणना में OBC के लिए अलग कॉलम और प्रमाणिक आंकड़े सुनिश्चित करने की मांग को लेकर जिला मुख्यालय में एकदिवसीय धरना दिया गया,जाति जनगणना संघर्ष समिति के आह्वान पर राष्ट्रीय OBC मोर्चा के तत्वावधान में आयोजित इस धरने में वक्ताओं ने कहा कि जनगणना की प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए,जिससे OBC समाज की वास्तविक जनसंख्या का सही आकलन हो सके और उसके आधार पर कल्याणकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाने में मदद मिले,कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय OBC मोर्चा के जिला अध्यक्ष शुभम गुप्ता ने की,जबकि प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार गुप्ता विशेष रूप से उपस्थित रहे,कार्यक्रम का संचालन अजय गुप्ता ने किया।
OBC के लिए अलग कॉलम और प्रमाणित आंकड़ों की मांग :- धरने को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष शुभम गुप्ता ने कहा कि जनगणना में OBC के लिए अलग कॉलम जोड़ा जाना चाहिए,ताकि इस वर्ग की वास्तविक जनसंख्या का प्रमाणिक आंकड़ा सामने आ सके,उन्होंने मांग की कि जनगणना में जाति का नाम दर्ज करने के साथ साथ राज्यवार प्रमाणित जाति सूची के आधार पर ड्रॉप डाउन और कोडिंग व्यवस्था भी लागू की जाए,उन्होंने कहा कि सही आंकड़ों के अभाव में समाज की वास्तविक स्थिति का आकलन करना मुश्किल होता है,इसलिए जनगणना की प्रक्रिया में OBC की पहचान और उनकी जनसंख्या का सटीक विवरण सुनिश्चित करना आवश्यक है।
महिलाओं की सही गिनती से योजनाओं तक पहुंचेगा लाभ : राजेश गुप्ता :- राष्ट्रीय OBC मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार गुप्ता ने कहा कि OBC समाज की महिलाओं की सही गिनती भी बेहद जरूरी है,उन्होंने कहा,जब तक OBC महिलाओं की सही गिनती नहीं होगी,तब तक कल्याणकारी योजनाएं,छात्रवृत्ति और आरक्षण का लाभ हम तक नहीं पहुंचेगा,उन्होंने जनगणना में OBC की वास्तविक स्थिति दर्ज करने के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू करने की मांग उठाई,ताकि सरकारी योजनाओं के निर्माण और उनके लाभ के वितरण में प्रमाणिक आंकड़ों की भूमिका सुनिश्चित हो सके।
शिक्षा और नौकरियों में अधिकार का उठा मुद्दा :- धरने को संबोधित करते हुए झामुमो नेता मनोज ठाकुर ने कहा कि जनगणना में ड्रॉप डाउन और कोडिंग व्यवस्था लागू नहीं होने पर शिक्षा और नौकरियों में OBC समाज के अधिकार प्रभावित होते रहेंगे,उन्होंने इस व्यवस्था को लागू करने की जरूरत पर जोर दिया,वहीं,आजसू के जिलाध्यक्ष दीपक शर्मा ने कहा कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की तरह OBC की भी प्रमाणित जाति सूची है,इसी सूची के आधार पर जनगणना में कोडिंग की व्यवस्था होनी चाहिए,जिससे जातियों की पहचान और आंकड़ों का संकलन व्यवस्थित तरीके से किया जा सके।
राष्ट्रपति के नाम उपायुक्त के माध्यम से सौंपा ज्ञापन :- धरने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर राष्ट्रपति के नाम उपायुक्त के माध्यम से ज्ञापन सौंपा,इसमें जनगणना में OBC के लिए अलग कॉलम,राज्यवार प्रमाणित जाति सूची के आधार पर ड्रॉप डाउन व्यवस्था और कोडिंग प्रणाली लागू करने से संबंधित मांगें उठाई गईं,आयोजकों ने कहा कि जनगणना में OBC समाज की वास्तविक जनसंख्या का प्रमाणिक आंकड़ा दर्ज होना चाहिए,ताकि समाज की स्थिति के अनुरूप योजनाओं और नीतियों के निर्माण में मदद मिल सके।
यह लोग भी रहे मौजूद :- कार्यक्रम में जिला प्रभारी सत्येंद्र यादव,राम भजन साहू,सत्येंद्र मेहता,याकूब अंसारी,संगीता देवी,बबीता देवी,सूरज चंद्रवंशी,राहुल गुप्ता,अमरेश यादव,सोनू यादव,दिलीप मेहता,पंकज कुशवाहा,प्रदीप गुप्ता,सुनील यादव,आयुष गुप्ता और अखिलेश पाल सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे,धरने के माध्यम से आयोजकों ने स्पष्ट किया कि जनगणना में OBC समाज की पहचान,वास्तविक जनसंख्या और प्रमाणिक आंकड़ों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाना चाहिए,ताकि संबंधित मांगों पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया जा सके।





