
नन्हे कदमों से सजी संस्कृति की महफिल,आर. के. के विद्यालयों में गरबा डांडिया ने मोहा मन
आकाश लोहार
गढ़वा
कहीं नन्हे कदमों की थिरकन थी,तो कहीं डांडिया की खनक पर झूमती भारतीय संस्कृति की खूबसूरत तस्वीर,रंग बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सजे बच्चों के चेहरों पर उत्साह,आंखों में चमक और प्रस्तुतियों में आत्मविश्वास साफ झलक रहा था,हर ओर उमंग,उल्लास और उत्सव का ऐसा माहौल था,जिसने नवरात्रि की खुशियों को और भी खास बना दिया,यह सिर्फ नृत्य और संगीत का आयोजन नहीं था,बल्कि नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति,परंपरा और संस्कारों से जोड़ने की एक सुंदर पहल भी थी।
नवरात्रि एवं दशहरा के पावन अवसर पर आर. के. ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस,गढ़वा द्वारा संचालित विभिन्न विद्यालयों में आयोजित गरबा डांडिया कार्यक्रमों ने इसी सांस्कृतिक विरासत की जीवंत तस्वीर पेश की,आर. के. पब्लिक स्कूल गढ़वा,आर. के. पब्लिक स्कूल मझिआंव,आर. के. पब्लिक स्कूल श्री बंशीधर नगर तथा आर. के. पब्लिक स्कूल हूर में छात्र छात्राओं ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से सभी का दिल जीत लिया।
नन्हे कलाकारों की प्रस्तुति ने बांधा समां :- कार्यक्रम का सबसे आकर्षक दृश्य तब देखने को मिला,जब जूनियर विंग के नन्हे मुन्ने बच्चे पारंपरिक वेशभूषा में सजे धजे गरबा और डांडिया की धुन पर थिरकते नजर आए,उनकी मासूम अदाएं,चेहरे की मुस्कान,आकर्षक रूप सज्जा और लयबद्ध नृत्य ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया,बच्चों की प्रस्तुतियों में उत्साह के साथ साथ उनकी मेहनत और आत्मविश्वास की झलक भी दिखाई दी।
वहीं,विभिन्न कक्षाओं के छात्र छात्राओं ने अपनी प्रतिभा,रचनात्मकता और सांस्कृतिक अभिरुचि का शानदार प्रदर्शन किया,संगीत की मधुर धुन,डांडिया की खनक और पारंपरिक परिधानों की रंगीन छटा से विद्यालय परिसर उत्सव के रंगों में रंग गया,बच्चों की प्रस्तुतियों ने यह साबित किया कि प्रतिभा को जब सही मंच और प्रोत्साहन मिलता है,तो नन्हे कदम भी बड़ी उपलब्धियों की ओर बढ़ने लगते हैं।
नृत्य के साथ बच्चों ने सीखा संस्कृति और परंपरा का महत्व :- इन आयोजनों का उद्देश्य केवल बच्चों का मनोरंजन करना नहीं,बल्कि उन्हें भारतीय सभ्यता,संस्कृति और लोक परंपराओं से परिचित कराना भी रहा,गरबा और डांडिया जैसी पारंपरिक विधाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय त्योहारों के महत्व,सामूहिक सहभागिता और सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान की भावना से जोड़ने का प्रयास किया गया।
विद्यालय परिसर में आयोजित इन कार्यक्रमों ने यह संदेश भी दिया कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं है,बच्चों के व्यक्तित्व को निखारने,उनकी छिपी प्रतिभा को सामने लाने और उन्हें अपनी जड़ों से जोड़ने में सांस्कृतिक गतिविधियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
अलखनाथ पाण्डेय ने दीं नवरात्रि और दशहरा की शुभकामनाएं :- इस अवसर पर आर. के. ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के अध्यक्ष एवं प्रख्यात शिक्षाविद् श्री अलखनाथ पाण्डेय ने सभी को नवरात्रि एवं दशहरा की हार्दिक शुभकामनाएं दीं,उन्होंने कहा कि हमारे पर्व त्योहार भारतीय सभ्यता,संस्कृति और परंपराओं के महत्वपूर्ण प्रतीक हैं,नवरात्रि हमें नारी शक्ति की उपासना और सम्मान का संदेश देती है,जबकि दशहरा अधर्म पर धर्म,बुराई पर अच्छाई तथा असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने के साथ साथ उनमें अपनी संस्कृति और परंपराओं के प्रति सम्मान की भावना विकसित करते हैं,बच्चों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराना आवश्यक है,ताकि वे आधुनिक शिक्षा प्राप्त करने के साथ साथ अपनी परंपराओं और नैतिक मूल्यों से भी जुड़े रहें।
श्री अलखनाथ पाण्डेय ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं,बल्कि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास करना भी है,सांस्कृतिक कार्यक्रम बच्चों में आत्मविश्वास,अनुशासन,रचनात्मकता और सामूहिक सहभागिता की भावना को मजबूत करते हैं,ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है और वे जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित होते हैं।
शिक्षकों और विद्यालय परिवार की रही महत्वपूर्ण भूमिका :- कार्यक्रम को सफल बनाने में सभी विद्यालयों के प्राचार्यगण,संतोष पांडेय,के.आर. झा,राजेश पांडेय,नसरीन हक,अनूप पांडेय सहित शिक्षक शिक्षिकाओं एवं अन्य कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही,विद्यालय परिवार के सदस्यों ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया और उनकी प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उनका मनोबल बढ़ाया।
सभी के सामूहिक प्रयासों से विभिन्न विद्यालयों में नवरात्रि का उत्सव यादगार बन गया,बच्चों की प्रस्तुतियों ने न केवल उपस्थित लोगों का मनोरंजन किया,बल्कि भारतीय संस्कृति की सुंदरता और विविधता को भी सामने रखा।
शिक्षा के साथ संस्कार,संस्कृति और सर्वांगीण विकास पर जोर :- आर. के. ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के साथ साथ उनमें नैतिक मूल्यों,सांस्कृतिक चेतना,रचनात्मकता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है,नवरात्रि एवं दशहरा के अवसर पर आयोजित ये कार्यक्रम इसी उद्देश्य की दिशा में एक सराहनीय पहल रहे।
कुल मिलाकर,आर. के. ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के विभिन्न विद्यालयों में आयोजित गरबा डांडिया कार्यक्रमों ने यह संदेश दिया कि जब शिक्षा के साथ संस्कार और संस्कृति का संगम होता है,तभी बच्चों के व्यक्तित्व का वास्तविक विकास होता है,नन्हे मुन्ने बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने त्योहार की खुशियों को दोगुना कर दिया और विद्यालय परिसर को भारतीय संस्कृति के रंगों से सराबोर कर दिया।




