
दहेज के बाद जमीन की रजिस्ट्री के लिए प्रताड़ित करने का आरोप
आकाश लोहार
गढ़वा
एक पिता अपनी बेटी की शादी में छह लाख रुपए नकद देता है,सोने की दो चेन,दो अंगूठियां और कई सामान देकर उसे नए जीवन की शुरुआत के लिए विदा करता है,उसके दिल में बस एक ही ख्वाहिश होती है कि बेटी अपने ससुराल में खुश रहे,उसकी दुनिया आबाद रहे,लेकिन उस पिता को क्या पता था कि जिन हाथों से वह बेटी को विदा कर रहा है,उन्हीं हाथों को एक दिन उसकी मौत की खबर सुनकर कांपना पड़ेगा,जिस बेटी से 14 अक्टूबर की रात करीब 9:30 बजे फोन पर बात हुई थी,उसी बेटी के बारे में अगली सुबह 6:30 बजे ऐसी खबर मिली,जिसने पिता की दुनिया उजाड़ दी,यह सिर्फ एक बेटी की मौत का मामला नहीं,बल्कि उन सवालों की भी कहानी है,जो दहेज और संपत्ति की मांग के बीच एक परिवार के दर्द को सामने लाते हैं,मृतका के पिता ने ससुराल पक्ष पर दहेज और जमीन को लेकर प्रताड़ित करने तथा गला दबाकर हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है,मामले में पुलिस ने आरोपी पति प्रिंस कुमार सेठ को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है,आइए इसी ख़ास ख़बर के ज़रिए आपको बताते हैं।
छह लाख रुपए और सोने के जेवर दिए,फिर भी नहीं थमी मांग :- मामला श्री बंशीधर नगर थाना क्षेत्र के जाशा गांव का है,खरोँधी थाना क्षेत्र के चांदनी गांव निवासी रामनाथ सेठ ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि उन्होंने फरवरी 2026 में अपनी बेटी प्रियंका कुमारी की शादी जाशा गांव निवासी उदय सेठ के पुत्र प्रिंस कुमार सेठ के साथ हिंदू रीति रिवाज से की थी,पिता के अनुसार,शादी में छह लाख रुपए नकद,सोने की दो चेन,दो अंगूठियां और अन्य सामान दिए गए थे,परिवार को उम्मीद थी कि बेटी अपने नए घर में सुख शांति से जीवन बिताएगी,आरोप है कि शादी के शुरुआती दो महीने तक सबकुछ सामान्य रहा,लेकिन इसके बाद दहेज और जमीन को लेकर प्रियंका को प्रताड़ित किया जाने लगा,जिस शादी को पिता ने अपनी बेटी के सुखद भविष्य की शुरुआत समझा था,उसी शादी के बाद प्रताड़ना के आरोप सामने आने लगे।
बेटी के नाम से जुड़ी जमीन पर भी थी नजर,पिता ने लगाए गंभीर आरोप :- रामनाथ सेठ ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि उनके समधी उदय सेठ कई बार जमीन अपने या अपने बेटे के नाम रजिस्ट्री कराने का दबाव बना चुके थे,पिता का कहना है कि शादी में नकद रुपए और सोने के जेवर देने के बावजूद जमीन की मांग की जा रही थी,इसी जमीन विवाद को लेकर बेटी को प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाया गया है,हालांकि,इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होनी बाकी है।
रात 9:30 बजे बेटी से हुई बात,सुबह 6:30 बजे मिली मौत की खबर :- इस पूरे मामले का सबसे भावुक पहलू वह आखिरी बातचीत है,जो प्रियंका ने अपने पिता से की थी,रामनाथ सेठ के मुताबिक,14 अक्टूबर की रात करीब 9:30 बजे उनकी बेटी ने उनसे फोन पर बात की थी,उस वक्त पिता को क्या मालूम था कि बेटी से हुई यह बातचीत उनकी जिंदगी की आखिरी बातचीत बन जाएगी,अगले दिन,15 अक्टूबर की सुबह करीब 6:30 बजे पिता को प्रियंका की मौत की सूचना मिली,जिस बेटी की आवाज पिछली रात फोन पर सुनाई दी थी,सुबह उसी बेटी की मौत की खबर ने परिवार को भीतर तक तोड़ दिया,ससुराल पहुंचने पर पिता ने बेटी के गाल पर काले निशान देखे,इसके बाद उन्होंने गला दबाकर हत्या किए जाने का आरोप लगाया और पुलिस से न्याय की गुहार लगाई,एक तरफ बेटी को खोने का असहनीय दुख,दूसरी तरफ उसकी मौत को लेकर उठते सवाल,एक पिता के लिए इससे बड़ा आघात क्या हो सकता है।
थाना प्रभारी ने बताया,आरोपी पति गिरफ्तार :- थाना प्रभारी अविनाश राज ने बताया कि सुबह फोन के माध्यम से एक लड़की की गला दबाकर हत्या किए जाने की सूचना मिली थी,लड़की को अनुमंडलीय अस्पताल,श्री बंशीधर नगर लाया गया था,सूचना मिलने पर पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया और शव को पोस्टमार्टम के लिए गढ़वा भेज दिया,इसके बाद मृतका के माता पिता ने थाने में लिखित आवेदन देकर गला दबाकर हत्या किए जाने का आरोप लगाया,थाना प्रभारी के अनुसार,पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी पति प्रिंस कुमार सेठ को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
अब बेटी के लिए इंसाफ चाहता है पिता :- प्रियंका की मौत ने उसके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है,पिता ने अपनी बेटी की हत्या का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है,पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है,अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्ष इस मामले में महत्वपूर्ण होंगे,एक पिता ने बेटी की शादी में अपनी सामर्थ्य के अनुसार नकद रुपए,सोने के जेवर और जरूरी सामान दिया था,बदले में उसकी चाहत सिर्फ इतनी थी कि बेटी की जिंदगी खुशहाल रहे,आज वही पिता अपनी बेटी को खोने के बाद इंसाफ की उम्मीद लगाए बैठा है,अब सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि प्रियंका की मौत किन परिस्थितियों में हुई,बल्कि यह भी है कि आखिर उन परिस्थितियों का सच सामने कब आएगा,परिवार को न्याय मिले,घटना की निष्पक्ष जांच हो और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई हो यही इस मामले में सबसे अहम है।




