
युवा समाजसेवी राकेश पाल ने जिलेवासियों को दी शुभकामनाएं
आकाश लोहार
गढ़वा
त्योहारों की असली खूबसूरती रोशनी से सजे घरों में ही नहीं,बल्कि एक दूसरे के लिए धड़कते दिलों में बसती है,पूजा की थाली में सजी आस्था,मां दुर्गा के जयकारों में गूंजती श्रद्धा और दशहरा के पर्व में छिपा सत्य की विजय का संदेश,यही हमारी संस्कृति की पहचान है,पर्व हमें सिर्फ खुशियां मनाना नहीं सिखाते,बल्कि एक दूसरे का हाथ थामकर प्रेम,सद्भाव और इंसानियत के रास्ते पर आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देते हैं,इसी पावन भावना के साथ युवा समाजसेवी राकेश पाल ने शारदीय नवरात्र एवं विजया दशमी के शुभ अवसर पर गढ़वा जिले के समस्त नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी है।
युवा समाजसेवी राकेश पाल ने अपने शुभकामना संदेश में जिलेवासियों से अपील की कि इन पावन पर्वों को आपसी प्रेम,भाईचारे और सामाजिक सौहार्द के साथ मनाएं,उन्होंने कहा कि त्योहारों की खुशियां तभी सार्थक होती हैं,जब उनका उजाला हर घर तक पहुंचे,हर चेहरे पर मुस्कान बिखरे और समाज का हर व्यक्ति अपनेपन का एहसास करे।
उन्होंने कहा कि नवरात्र हमें शक्ति,श्रद्धा और नारी सम्मान का संदेश देता है,जबकि विजया दशमी हमें याद दिलाती है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों,अंत में विजय सत्य,धर्म और अच्छाई की ही होती है,इन पर्वों का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा,जब हम अपने जीवन से नफरत,अहंकार और वैमनस्य को दूर कर प्रेम,सहिष्णुता और मानवता को अपनाएंगे।
राकेश पाल ने कहा कि गढ़वा की पहचान यहां की मिट्टी,संस्कृति और आपसी भाईचारे से है,इस पहचान को और मजबूत बनाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है,धर्म और आस्था के रास्ते अलग हो सकते हैं,लेकिन इंसानियत,प्रेम और सद्भाव का रिश्ता हम सभी को एक सूत्र में बांधता है,त्योहारों के इस पावन अवसर पर हमें इसी एकता और सामाजिक समरसता को और मजबूत करने का संकल्प लेना चाहिए,उन्होंने मां दुर्गा से प्रार्थना की कि उनकी कृपा गढ़वा जिले के प्रत्येक परिवार पर बनी रहे,हर घर सुख,शांति और समृद्धि से परिपूर्ण हो,युवाओं के जीवन में नई उम्मीदें जागें और जिले का हर नागरिक खुशहाली के साथ अपना जीवन व्यतीत करे।
अंत में राकेश पाल ने जिलेवासियों से भावपूर्ण अपील करते हुए कहा कि पर्व मनाएं,खुशियां बांटें और दिलों के बीच ऐसी मोहब्बत कायम रखें,जो हर दूरी को मिटा दे,क्योंकि त्योहारों की असली जीत तभी है,जब बुराई पर अच्छाई की विजय के साथ-साथ दिलों में प्रेम और समाज में भाईचारे की भावना भी विजयी हो,मां दुर्गा की कृपा सब पर बनी रहे, हर घर में खुशियों का दीप जले और गढ़वा की धरती हमेशा प्रेम,एकता और सद्भाव से महकती रहे।




