
जमशेदपुर:महानवमी की वो रात जब पूरा शहर मां दुर्गा के जयकारों और रोशनी में डूबा हुआ था, ठीक उसी वक्त मानगो के एक शांत इलाके में कुछ ऐसा पक रहा था जिसने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियों को पल भर में राख कर दिया।
एमजीएम थाना क्षेत्र की हिल व्यू कॉलोनी। आधी रात के ठीक साढ़े बारह बजे अनुपम ओझा अपने परिवार के साथ जब मुख्य दरवाजे पर ताला जड़ रहे थे, तो उनके जेहन में सिर्फ पंडालों की भव्यता और दुर्गा उत्सव का उल्लास था। उन्हें क्या मालूम था कि अंधेरे के साए में कुछ गिद्ध निगाहें उनके हर कदम पर नजर टिकाए बैठी थीं।
परिवार के निकलते ही मानो चोरों को खुली छूट मिल गई। रात के सन्नाटे और बंद घर की लाचारी का फायदा उठाकर शातिर घर में दाखिल हुए। दरवाजे की कुंडी टूटी, कमरों में भगदड़ जैसी तलाशी हुई और फिर उस मजबूत गोदरेज अलमारी को बेरहमी से निशाना बनाया गया जिसमें उस परिवार की जिंदगी भर की कमाई सिमटी हुई थी।
ठीक चार घंटे बाद—सुबह के साढ़े चार बजे। जब ओझा परिवार थकान और भक्ति का भाव लेकर घर की दहलीज पर पहुंचा, तो सामने का नजारा देखकर पैरों तले जमीन खिसक गई। खुला दरवाजा, टूटा ताला और अंदर बिखरा पड़ा घर का कोना-कोना। अलमारी में रखे करीब 12 लाख रुपये के कीमती जेवरात और डेढ़ लाख रुपये की नगदी पूरी तरह गायब थे। चंद पलों में परिवार आर्थिक रूप से अर्श से फर्श पर आ चुका था।
वारदात की खबर फैलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। बदहवास परिवार ने तुरंत मामले की सूचना स्थानीय पुलिस और भाजपा के पूर्व नेता विकास सिंह को दी।
मौके पर पहुंचे विकास सिंह ने टूटे ताले और तहस-नहस हुए घर का मुआयना करने के बाद तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि चोरों ने बेहद शातिराना अंदाज में अंधेरे का लाभ उठाकर दरवाजे और अलमारी को क्षतिग्रस्त किया और परिवार को पूरी तरह आर्थिक रूप से तबाह कर छोड़ा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए विकास सिंह ने जिले के शीर्ष प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों से तत्काल संपर्क साधा है। उन्होंने साफ लहजे में मांग की है कि त्योहार के माहौल में आम जनता के भरोसे को चोट पहुंचाने वाले इस गिरोह का फौरन पर्दाफाश हो और पीड़ित परिवार की पाई-पाई बरामद की जाए।
फिलहाल एमजीएम थाने की पुलिस जांच में जुटी है, लेकिन बड़ा सवाल वही है—जब पुलिस की गश्त और चौकसी के दावे हवा में तैर रहे थे, तब शहर की एक पॉश कॉलोनी में 4 घंटे के भीतर लाखों की सेंधमारी को अंजाम देकर चोरों ने किसे खुली चुनौती दी है?





