
जमशेदपुर:झारखंड की धरती बीते 24 घंटों में दो ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदातों से लाल हो गई, जिसने इंसानियत और रिश्तों दोनों को शर्मसार कर दिया है। एक तरफ जहां 21वीं सदी में अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के खौफनाक वहम ने 60 साल के एक बेगुनाह बुजुर्ग की बलि ले ली, वहीं दूसरी तरफ खून के रिश्ते को तार-तार करते हुए एक कलयुगी बेटे ने मामूली झगड़े में अपने ही जन्मदाता को तड़पा-तड़पा कर मौत की नींद सुला दिया। इन दोनों दिल दहला देने वाले कत्लों के बाद से पूरे इलाके में सन्नाटा और दहशत का माहौल है।
पहला खूनी तांडव: ‘तूने मेरे भाई को तंत्र से मार डाला!’… और काट डाला बुजुर्ग को
पलामू जिले के नौडीहा बाजार थाना क्षेत्र स्थित मंगराडीह गांव में बुधवार को जो हुआ, उसकी कल्पना मात्र से रूह कांप जाए। करीब 40 साल से अपने ससुराल में शांति से गुजर-बसर कर रहे 60 वर्षीय सीताराम को क्या पता था कि गांव के ही दो भाइयों का वहम उनकी जान का दुश्मन बन जाएगा।
सूत्रों और पुलिस के मुताबिक, प्रमोद और सोनू नाम के दो भाइयों के सगे भाई की मंगलवार रात रांची के एक अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। भाई की मौत का मातम मनाने के बजाय दोनों के सिर पर बदले और अंधविश्वास का ऐसा भूत सवार हुआ कि उन्होंने बुजुर्ग सीताराम को ‘डायन/तांत्रिक’ करार दे दिया। उनका मानना था कि उनके भाई की जान किसी बीमारी ने नहीं, बल्कि सीताराम के जादू-टोने ने ली है।
बस फिर क्या था, दोनों भाई बुधवार को सीधे धारदार हथियारों से लैस होकर पहुंचे और सीताराम पर खूनी दरिंदगी के साथ टूट पड़े। मौके पर ही बुजुर्ग ने दम तोड़ दिया। खून से लथपथ लाश छोड़ दोनों आरोपी हवा में गायब हो गए।
दूसरा कत्ल-ए-आम: कलयुगी बेटे ने पिता के खून से रंगे हाथ
अभी पलामू का मामला शांत भी नहीं हुआ था कि सरायकेला-खरसावां से रिश्तों के कत्ल की दूसरी दिल दहलाने वाली दास्तान सामने आ गई। घर के भीतर छिड़ी मामूली सी तकरार कब खूनी जंग में तब्दील हो गई, किसी को भनक तक नहीं लगी।
जानकारी के अनुसार, पिता अशोक और बेटे अर्जुन के बीच अक्सर छोटी-मोटी बातों पर किचकिच होती रहती थी। लेकिन इस बार अर्जुन के सिर पर ऐसा खून सवार हुआ कि उसने रिश्ते की हर मर्यादा तार-तार कर दी। अर्जुन ने पहले अपने लाचार पिता को डंडों से बेरहमी से पीटा और जब इतने से भी उसका कलेजा ठंडा नहीं हुआ, तो उसने धारदार हथियार से ताबड़तोड़ वार कर पिता को हमेशा के लिए खामोश कर दिया।
चीख-पुकार सुनकर जब तक बदहवास ग्रामीण मौके पर पहुंचे, अशोक खून से लथपथ तड़पते हुए दम तोड़ चुके थे और हत्यारा बेटा वारदात को अंजाम देकर अंधेरे का फायदा उठाकर रफूचक्कर हो चुका था।
पुलिस महकमे में हड़कंप, कातिलों की तलाश में खाक छान रही पुलिस
बैक-टू-बैक हुई इन दो वारदातों ने राज्य की कानून-व्यवस्था और समाज की मानसिकता दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
नौडीहा बाजार के थाना प्रभारी नीरज कुमार के मुताबिक, दोनों ही मामलों में शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल (एमएमसीएच) भेज दिया गया है। पुलिस की अलग-अलग टीमें गठित कर दी गई हैं और जंगलों से लेकर संभावित ठिकानों तक ताबड़तोड़ दबिश दी जा रही है। पुलिस का दावा है कि कानून से भाग रहे इन हत्यारों को बहुत जल्द सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा।





