रांची: राजधानी के वीआईपी और शांत समझे जाने वाले इलाके में सुबह की चाय के साथ क्या कोई इतने बड़े खौफ की पटकथा लिख सकता है? कांके थाना क्षेत्र के गागी स्थित आदर्श नगर कॉलोनी में बीते दिनों हुई सनसनीखेज डकैती की जब पुलिस ने परतें खोलीं, तो कहानी किसी थ्रिलर फिल्म के प्लॉट से कम नहीं निकली। कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी रामशंकर प्रसाद सिंह के घर हथियारों के दम पर डाली गई डकैती का रांची पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है।
इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस ने एक महिला समेत छह शातिर अपराधियों को दबोच लिया है, लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती—वारदात में कुल 14 शातिरों का हाथ था और लूटे गए जेवरात अब भी पुलिस की रडार से बाहर हैं।
दो महीने की निगरानी और सुबह 7 बजे का ‘रेड अलर्ट’
पुलिसिया तफ्तीश में जो खुलासा हुआ है, उसने सुरक्षा व्यवस्था और गिरोह की चालाकी पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। 13 अक्टूबर की सुबह ठीक 7 बजे, जब इलाका पूरी तरह जागा भी नहीं था, हथियारों से लैस अपराधियों ने रिंग रोड के पास स्थित इस मकान पर धावा बोल दिया।
जांच में सामने आया कि यह कोई जल्दबाजी में लिया गया फैसला नहीं था। अपराधी अगस्त से ही इस घर के हर आने-जाने वाले, समय और रास्तों पर गिद्ध जैसी नजर गड़ाए हुए थे। पूरे 60 दिनों तक चली रेकी के बाद लग्जरी गाड़ियों और हथियारों का इंतजाम किया गया और सटीक टाइमिंग के साथ घर में घुसकर नकदी-जेवरात समेट लिए गए।
ताबड़तोड़ छापेमारी: तीन थाना क्षेत्रों से 6 गिरफ्तार
दिनदहाड़े हुई इस सनसनीखेज वारदात के बाद ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी और वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर बनी स्पेशल टीम ने तकनीकी सर्विलांस और गुप्त सूचनाओं का जाल बिछाया। बरियातू, दलादली और सुखदेवनगर में एक साथ दबिश देकर 6 आरोपियों को दबोचा गया:
बीर बहादुर सिंह (पुराना हिस्ट्रीशीटर, बिहार के भोजपुर में 2021 से केस दर्ज)
रजनीश सिंह (रामगढ़ के पतरातू थाने में 2020 का मामला दर्ज)
कम्मो देवी
सुधीर कुमार
चंद्रशेखर पांडेय
सुमित कुमार सिंह
क्या-क्या हुआ बरामद?
पुलिस ने आरोपियों के ठिकानों से अपराध में इस्तेमाल और लूटी गई संपत्तियों का बड़ा हिस्सा जब्त किया है:
नकदी: 4.24 लाख रुपये कैश
इलेक्ट्रॉनिक्स: 8 हाई-एंड एंड्रॉयड मोबाइल फोन
गाड़ियां: वारदात के बाद भागने में इस्तेमाल की गई ग्रे रंग की इनोवा (जो पिठोरिया के कोकदोरो चौक पर लावारिस मिली) और एक ब्लैक स्कॉर्पियो।
8 फरार, जेवरात की तलाश: पुलिस के सामने असली चुनौती
नकदी और गाड़ियां भले ही पुलिस के कब्जे में आ गई हों, लेकिन अधिकारी के घर से उड़ाए गए पुश्तैनी और कीमती सोने-चांदी के जेवरात अब भी पहेली बने हुए हैं। गिरोह के बाकी 8 सदस्य फरार हैं और माना जा रहा है कि लूटे गए जेवर उन्हीं के पास या किसी गुप्त ठिकाने पर छिपाए गए हैं। पुलिस अब दोनों राज्यों (झारखंड और बिहार) के नेटवर्क को खंगालते हुए बाकी बचे आरोपियों और जेवरात की बरामदगी के लिए लगातार दबिश दे रही है।



