
समाजसेवी विकास सिंह की तत्परता से समय पर अस्पताल पहुंचीं मां और तीनों बच्चियां; डॉक्टरों ने खतरे से बाहर बताया
जमशेदपुर: शहर के मानगो इलाके से एक बेहद चिंताजनक घटना सामने आई है। उलीडीह ओपी क्षेत्र में पारिवारिक कलह से परेशान एक महिला ने अपनी तीन नाबालिग बेटियों के साथ कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खाकर जान देने की कोशिश की। घटना मंगलवार देर रात संकोसाई रोड नंबर पांच की है। समय रहते मामले की जानकारी मिलने और एक समाजसेवी की सक्रियता से चारों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। फिलहाल मां और तीनों बच्चियों की हालत स्थिर बताई जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार, पिंकी कुमारी अपने परिवार में लंबे समय से चल रहे विवाद और घरेलू तनाव से परेशान थी। मंगलवार की रात स्थिति इस कदर बिगड़ गई कि उसने कथित तौर पर पहले अपनी तीनों बेटियों को जहरीला पदार्थ खिला दिया और बाद में खुद भी उसका सेवन कर लिया। घटना के बाद परिवार में अफरा-तफरी मच गई।
इसी बीच मामले की जानकारी स्थानीय समाजसेवी विकास सिंह को मिली। उन्होंने बिना देर किए मौके पर पहुंचकर चारों को अस्पताल ले जाने की व्यवस्था की। इसके बाद मां और तीनों बच्चियों को महात्मा गांधी मेमोरियल (MGM) मेडिकल कॉलेज अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने तत्काल उपचार शुरू किया। समय पर चिकित्सा सुविधा मिलने के कारण चारों की जान बच गई। अस्पताल से मिली जानकारी के मुताबिक फिलहाल सभी की स्थिति खतरे से बाहर है।
पति बिहार में करते हैं खेती, जमशेदपुर में भाइयों के साथ रह रही थी महिला
समाजसेवी विकास सिंह के मुताबिक, पिंकी कुमारी के पति बिहार के नालंदा जिले में अपने पैतृक गांव में रहकर खेती-बाड़ी करते हैं। जबकि पिंकी जमशेदपुर के मानगो इलाके में अपने दो भाइयों के साथ रह रही थी। स्थानीय लोगों और परिजनों के अनुसार, घर में अक्सर किसी न किसी बात को लेकर विवाद होता रहता था। आशंका जताई जा रही है कि लगातार चल रहे घरेलू तनाव ने महिला को इस खतरनाक कदम तक पहुंचा दिया।
पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद उलीडीह ओपी की पुलिस टीम भी MGM अस्पताल पहुंची और पूरे मामले की जानकारी ली। उलीडीह ओपी प्रभारी सारी अली ने बताया कि महिला और उसकी तीनों बेटियों का इलाज चल रहा है तथा प्राथमिक उपचार के बाद सभी की स्थिति ठीक है।
पुलिस के अनुसार, शुरुआती तौर पर मामला पारिवारिक विवाद से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। हालांकि, घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए महिला और उसके परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है।
इस घटना ने एक बार फिर घरेलू कलह और पारिवारिक तनाव के गंभीर परिणामों को सामने ला दिया है। फिलहाल सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि समय पर अस्पताल पहुंचाए जाने से मां और उसकी तीनों मासूम बेटियों की जान बच गई।



