
आज आदिवासी सेंगेल अभियान के तहत गोदावरी होटल,डुमरी मोड़ में एक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता आदिवासी सेंगेल अभियान बोकारो जोनल हेड सुखदेव मुर्मू ने किया। बैठक को संबोधित करते हुए सेंगेल के झारखंड प्रदेश संयोजक सह बोकारो जोनल परगना करमचंद हांसदा ने बड़ा आरोप लगाया कि मरांग बुरु बचाओ संघर्ष मोर्चा,मांझी परगना महल और सोनोत संताल समाज उक्त सभी संगठन झारखंड मुक्ति मोर्चा के बंधुआ मजदूर हैं, इसका पुख्ता प्रमाण है।
श्री करमचंद हांसदा ने दो ठोस प्रमाण प्रस्तुत किए:प्रमाण 1: मरांग बुरु (पारसनाथ) को बेचने का पाप*
दिनांक 05-01-2023 को झारखंड के मुख्यमंत्री रहते हुए श्री हेमंत सोरेन ने मरांग बुरु (पारसनाथ शिखर-सम्मेद) को जैनों का पवित्र तीर्थ स्थल बताकर केंद्र सरकार को लिखित में सौंप दिया।यह संताल समाज और समस्त आदिवासियों के सबसे बड़े धार्मिक आस्था केंद्र के साथ विश्वासघात था।
अब अपने उस काले कारनामे पर पर्दा डालने के लिए झारखंड सरकार में दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री श्री फागू बेसरा द्वारा”मरांग बुरु बचाओ संघर्ष मोर्चा संगठन बनाकर और दिनांक 4/5 नवंबर 2026 को मरांग बुरू धर्म सम्मेलन को आयोजित है जिसमें 5 नवंबर 2026 मरांग बुरु में हेमंत सोरेन को मुख्य अतिथि के रूप में बुलाना, उनके काली करतूतों को छिपाने और आदिवासी समाज को गुमराह करने का एक सुनियोजित प्रयास मात्र है।
*प्रमाण 2: घाटशिला उपचुनाव में JMM की दलाली*
*विगत घाटशिला उपचुनाव 2025 में माझी परगना महाल ने JMM प्रत्याशी श्री सोमेश चन्द्र सोरेन को खुलेआम पूर्ण समर्थन देकर खुद को JMM का धागार उर्फ बंधुआ (गुती) साबित हो गया है।* जो संगठन खुद को समाज का स्वायत्त संगठन अपने को कहता है, वह एक राजनीतिक दल का चुनावी एजेंट कैसे और किस तरह बन सकता है ?
अतः आदिवासी सेंगेल अभियान जनता से अपील करता है कि ऐसे JMM के बंधुआ संगठनों के बहकावे में न आएं। उक्त सभी संगठन मरांग बुरु को बचाने के बजाय जेएमएम के वोट बैंक को बचाने में लगा है। संतालों का मरागं बुरु को बचाना है तो दोस्त और दुश्मन को पहचानना होगा अन्यथा उक्त सभी संगठन संतालों को धोखा देने की नौटंकी बंद करें।सेंगेल का मांग है पहले मरांग बुरु को जैनों के कब्जे से मुक्त कर संथाल आदिवासी का तीर्थ स्थल की घोषणा करें।
निम्न लोग झारखंड प्रदेश संयोजक जयराम सोरेन, सेंगेल छात्र मोर्चा गिरीडीह जिला अध्यक्ष दिलीप मुर्मू,आनंद टुडू,सोहन हांसदा, रमेश हेम्बरम,दिनेश टुडू,लालू मुर्मू,लालचंद टुडू, बिनोद मुर्मू,रतीराम हांसदा,रमेश मुर्मू आदि लोग उपस्थित थे






