कलम के आराध्य देव भगवान श्री चित्रगुप्त महाराज की पूजा-अर्चना कर मनवांछित फल कि कामना

On: November 15, 2023 4:30 PM

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शुभम जायसवाल
श्री बंशीधर नगर (गढ़वा):– अनुमंडल मुख्यालय सहित आसपास के क्षेत्रों में बुधवार को श्री चित्रगुप्त भगवान की पूजा अर्चना की व मनवांछित फल कि कामना की। इस अवसर पर जंगीपुर स्थित उपासना केंद्र ऊर्जित्पा एवं सत्संग उपयोजना केंद्र आनंद धाम में श्री चित्रगुप्त महाराज की विधिवत पूजा अर्चना धूमधाम से किया गया। दोनो स्थानों पर पुरोहित राजीव रंजन तिवारी ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलम, दवात,कॉपी व पुस्तक की पूजा की गई। पौराणिक आख्यानों के अनुसार सृष्टि की रचना के बाद ब्रह्माजी चिंतातुर हो गए। चिंता का कारण था- सकल सृष्टि की देखरेख एवं लेखा-जोखा रखना।
कोई उपाय न सूझने पर ब्रह्माजी 12 हजार वर्ष की अखंड समाधि में लीन हो गए। इसके बाद उनकी काया से एक तेजस्वी बालक का जन्म हुआ, जिनका नाम ब्रह्माजी ने कायस्थ रखा और कहा कि समस्त जीवों के कर्मों का लेखा-जोखा रखना ही तुम्हारा दायित्व है। युवावस्था में उनका विवाह इरावती एवं शोभावती नामक कन्याओं से हुआ, जिनकी प्रथम प|ी से चार एवं द्वितीय से आठ पुत्र उत्पन्न हुए। इन पुत्रों का नामकरण इनके शासित प्रदेश के आधार पर क्रमश: श्रीवास्तव, निगम, कर्ण, कुलश्रेष्ठ, माथुर, सक्सेना, गौड़, अस्थाना एवं वाल्मिकी आदि किया गया। आज भी कायस्थ वंश की उपजातियां इन्हीं नामों से अपनी पहचान कायम रखे हैं। मौके पर विजय नंदन सिन्हा, शक्ति दास सिन्हा, उत्कर्ष सिन्हा, लक्ष्य सिन्हा, अनिता सिन्हा, प्रीति सिन्हा सहित अन्य लोग मौजूद थे।