सहायक आचार्य परीक्षा रद्द करने पर भाजपा ने झारखंड सरकार से पूछा सवाल

On: July 25, 2024 4:52 AM

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गढ़वा: भाजपा जिला उपाध्यक्ष मुरली श्याम सोनी ने सहायक आचार्य परीक्षा रद्द करने पर झारखंड सरकार की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि झारखंड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा, सहायक आचार्य टेट पास की परीक्षा लगातार कई दिनों से चार-चार परीक्षाएं ली जा रही है। जो अनुचित है, इससे पूर्व की रघुवर सरकार ने हाई स्कूल की परीक्षा मात्र दो बार लिया और लोगों को नौकरी दिया। सरकार द्वारा, कभी रांची, कभी जमशेदपुर, कभी हजारीबाग, बोकारो, धनबाद, विभिन्न जिला मुख्यालय पर, सहायक आचार्य की परीक्षा, 3 पाली में ली जा रही थी। परीक्षा केंद्रों पर सरकार ने निष्पक्षता दिखाते हुए परीक्षार्थी का पैर का चप्पल, जूता, पायल, बिछिया, मंगलसूत्र, कान के बाली, जेवरात आदि सामग्री परीक्षा केंद्र में ले जाने की मनाही करती है, और एक-एक सेंटर से 500 परीक्षार्थी GPT में पास कर जाते हैं। जिनका तत्काल नियुक्ति पत्र बांटा गया, झारखंड में सब कुछ बिकता है। ऐसा प्रतीत हो रहा है। 24 तारीख को धनबाद में ली जाने वाली आखिरी परीक्षा, जेएसएससी द्वारा अंतिम समय में रद्द करने का पत्र जारी कर दिया गया और कहा गया कि इसमें किसी को संशोधन करना हो तो कर सकता है। इस तरह से हजारों परीक्षार्थी निराश होकर हजारों हजार खर्च कर अपने घर को वापस आ गए। सरकार की नीयत ठीक नहीं है, जब संशोधन करना था वह पहले कर देती। इसका मतलब है सरकार बेरोजगार को रोजगार देना नहीं चाहती है। आज झारखंड में पढ़े लिखे लोग प्रमाण पत्र लेकर घूम रहे हैं। विदित हो कि 1 वर्ष पूर्व ही 26 हजार सहायक आचार्य की बहाली निकली गई। इससे पूर्व चंपई सोरेन की सरकार परीक्षा में तेजी लाकर, रोजगार देना चाहती थी। लेकिन हेमंत सरकार को बर्दाश्त नहीं हुआ। यहां के मूलवासी को रोजगार देना पसंद नहीं करती और बार-बार परीक्षा रद्द करती है।