एजेंसी: लोकसभा में विपक्ष के नेता अधीर रंजन चौधरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कथित रूप से टिप्पणी करने के खिलाफ सस्पेंड हो गए हैं। संसदीय कार्य मंत्री के अनुरोध पर स्पीकर ने उन्हें सस्पेंड कर दिया है। संसद के विशेषाधिकार समिति मामले की जांच कर रही है। विशेष अधिकार समिति में अधीर रंजन चौधरी का भूषण का विवादित हिस्सा भी संसदीय कार्रवाई से हटा दिया है। सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की संभावना है। जांच के बाद ही उनका निलंबन वापस लिया जा सकता है।
वहीं दूसरी ओर विपक्ष के नेता और कांग्रेसी नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि उनका मकसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपमान करने का नहीं था।
वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने ट्वीट कर अधीर रंजन के खिलाफ कार्रवाई को अलोकतांत्रिक बताया है।
https://twitter.com/kharge/status/1689657434380587008?t=4d2xUOwdLuzQxQSd2yMlww&s=19
बताया जाता है कि अधीर रंजन चौधरी ने कथित रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना नीरव मोदी से की थी।बता दें अधीर रंजन चौधरी के खिलाफ इस मामले को जांच के लिए विशेषाधिकार समिति के पास भेज दिया गया। संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी ने इससे जुड़ा एक प्रस्ताव लोकसभा में पेश किया जिसे सदन ने ध्वनिमत से मंजूरी दी। इससे पहले, कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के सदस्य सदन से वॉक आउट कर चुके थे। प्रस्ताव के अनुसार, विशेषाधिकार समिति की रिपोर्ट आने तक कांग्रेस नेता चौधरी सदन की कार्यवाही से निलंबित रहेंगे।
बता दें लोकसभा से निलंबन पर कांग्रेस दल के नेता अधीर रंजन चौधरी ने अपनी पहली प्रतिक्रिया में कहा, ‘प्रधानमंत्री ने हमारे जो मुख्य मुद्दे थे उन पर कोई जवाब नहीं दिया.’
चौधरी ने प्रेस से कहा, ‘सदन में पिछले तीन दिन से अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा हो रही थी। हमारे देश के प्रधानमंत्री आज सदन में आए और हमारे जितने सवाल थे, जवाब देने की कोशिश की। हमारे मुख्य मुद्दे जो थे, उन पर जवाब अभी तक नहीं मिला।’