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एक बार फिर JSSC-CGL में हुई गड़बड़, परीक्षा की जाए रद्द : दुवारिका शर्मा

On: December 14, 2024 3:56 PM
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रांची: भाजपा नेता दुवारिका शर्मा ने कहा कि झारखंड में हर बार की तरह एक बार फिर JSSC-CGL परीक्षा में गड़बड़ हुई है। अब छात्रों की मांग है कि परीक्षा को रद्द कर दिया जाए। जब झारखंड सरकार राज में रहकर राज को मैनेजमेंट नहीं कर पा रही है तो और जो वादे उन्होंने जनता और छात्रों से की है उन वादों को पूरा नहीं कर पा रहे है तो ऐसे झूठे वादे जनता से मत करिए। आप नहीं जानते हैं कि स्टूडेंट्स दिन रात एक कर कर के अपनी पढ़ाई में लगे हुए रहते हैं कि अपने मां-बाप की सपना को पूरा करेंगे और देश के लिए कुछ करेंगे और जब एग्जाम का टाइम आता है, तब कुछ गड़बड़ कर के उसको रद्द कर दिया जाता है और छात्रों की जिंदगी ऐसे ही में बर्बाद हो जाती है और लास्ट में प्राइवेट कंपनी में ₹10,000 की नौकरी करता है।

झारखंड में JSSC CGL (झारखंड संयुक्त स्नातक स्तरीय प्रतियोगी परीक्षा) को लेकर समय-समय पर विवाद सामने आते रहे हैं। ये विवाद आमतौर पर परीक्षा की प्रक्रिया, आरक्षण नीति, पेपर लीक, और परीक्षा संचालन में पारदर्शिता की कमी से जुड़े होते हैं। हाल के वर्षों में, कुछ प्रमुख मुद्दे इस प्रकार हैं:

1. नयी आरक्षण नीति पर विवाद

झारखंड सरकार द्वारा लागू की गई नयी आरक्षण नीति में स्थानीय भाषा और क्षेत्रीय आरक्षण को लेकर विवाद हुआ।

इसके तहत झारखंड के बाहर के उम्मीदवारों को परीक्षा में शामिल होने से रोकने के प्रावधान थे, लेकिन इसे लेकर उम्मीदवारों ने आपत्ति जताई।

हाई कोर्ट में भी इस पर याचिका दाखिल की गई थी, जिसके कारण परीक्षाएं स्थगित हो गईं।

2. पेपर लीक और अनियमितता

झारखंड में JSSC परीक्षाओं के दौरान कई बार पेपर लीक की घटनाएं सामने आईं।

इन घटनाओं ने परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए।

इससे कई बार परीक्षाओं को रद्द करना पड़ा और नए सिरे से आयोजन करना पड़ा।

3. भर्ती प्रक्रिया में देरी

JSSC द्वारा परीक्षा का आयोजन और परिणाम जारी करने में काफी देरी की जाती रही है।

इससे छात्रों में निराशा और असंतोष बढ़ता है, खासकर उन लोगों के लिए जो वर्षों से तैयारी कर रहे होते हैं।

4. भाषा नीति का विवाद

झारखंड में स्थानीय भाषाओं (संथाली, मुंडारी, नागपुरी आदि) को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया था।

लेकिन इसे लेकर कई छात्रों ने विरोध किया, खासकर वे जो राज्य के बाहर या अन्य क्षेत्रों से हैं।

वर्तमान स्थिति

हाल के दिनों में कोर्ट के फैसलों और सरकार के हस्तक्षेप के कारण JSSC CGL परीक्षाओं में सुधार के प्रयास किए गए हैं। हालांकि, उम्मीदवार अभी भी परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और समय पर परिणाम घोषित करने की मांग कर रहे हैं।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

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