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गढ़वा: अखबार हॉकर्स ने एसडीओ के समक्ष रखी समस्याएं, मिला निराकरण का भरोसा

On: January 28, 2025 3:57 PM
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गढ़वा: एक घंटे के नियमित साप्ताहिक कार्यक्रम “कॉफी विद एसडीएम” में इस सप्ताह की कड़ी में अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार ने ‘अखबार वितरण करने वाले’ मेहनतकश और कर्मयोगी हॉकर्स को अनुमंडल कार्यालय में कॉफी पर आमंत्रित किया। एसडीओ संजय कुमार के आमंत्रण पर आज क्षेत्र के 15 समाचार पत्र वितरक एसडीओ कार्यालय पहुंचे हुए थे। सभी ने अपनी निजी एवं सामूहिक समस्याओं को एसडीओ श्री कुमार के समक्ष रखा, साथ ही शहर को लेकर कुछ सुझाव भी दिये।

प्रधानमंत्री आवास, जमीन विवाद व नागरिक सुविधाओं को लेकर रखी समस्याएं


इस एक घंटे के दौरान अखबार विक्रेताओं ने कई प्रकार की निजी समस्याएं और शिकायतें रखीं जिनमें सबसे ज्यादा समस्याएं गढ़वा अंचल को लेकर मिलीं। नामांतरण, लगान रसीद, ऑनलाइन अपडेशन आदि से जुड़े जो मामले आए उन सभी के बारे में एसडीओ ने मौके पर ही गढ़वा अंचल अधिकारी को निर्देशित करते हुए हॉकर्स द्वारा उठाई गई समस्याओं पर एक सप्ताह के अंदर नियमानुसार कार्रवाई आरंभ करने का निर्देश दिया। टंडवा निवासी दो सगे भाई विनोद गुप्ता और प्रमोद गुप्ता घर-घर अखबार बांट कर अपनी जीविकोपार्जन कर रहे हैं, विनोद गुप्ता ने एसडीओ को बताया कि वे अपने पिता के समय से ही किराए पर रह रहे हैं, उन लोगों का एक छोटा सा जमीन है जिसमें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिल जाए तो उनका अपनाघर बन जाएगा। इस पर नगर परिषद के संबंधित पदाधिकारी को निर्देशित कर यथाशीय नियमानुसार कार्रवाई करने को निर्देशित किया गया। इसके अलावा मईया सम्मान योजना, राशन कार्ड, साफ सफाई तथा अन्य नागरिक सुविधाओं को लेकर समस्याएं उठाई गयीं।

पासवान टोला में पक्के रोड की मांग


नगवा मोहल्ला निवासी अखबार विक्रेता संजय रजक ने यहां के पासवान टोला में सड़क बनवाने की मांग की, उन्होंने बताया कि लगभग 100 लोगों की आबादी यहां रहती है फिर भी इस शहरी बस्ती में पीसीसी की बजाय अभी भी कच्चा रास्ता है। इस पर एसडीओ ने आश्वस्त किया कि उनकी मांग पर यथाशीघ्र कार्रवाई होगी।

इंडियन न्यूजपेपर्स डे की दी शुभकामनाएं


एसडीओ श्री कुमार ने कहा कि “कॉफी विद एसडीएम” कार्यक्रम हर बुधवार को होता है किंतु ‘इंडियन न्यूजपेपर्स डे’ को समर्पित करते हुए इस कार्यक्रम को 28 जनवरी यानि मंगलवार को रखने तथा इस कार्यक्रम में न्यूज़पेपर व्यवसाय से जमीनी स्तर पर जुड़े इन कर्मयोगियों को बुलाने का निर्णय लिया गया था। उन्होंने न्यूजपेपर्स डे की पूर्व संध्या पर न केवल अखबार विक्रेताओं बल्कि अखबार से जुड़े सभी स्तर के कर्मियों को शुभकामनाएं दी।

अखबार विक्रेता जमीनी कर्मयोगी हैं


उन्होंने कहा कि अखबार बांटने वाले साथी प्रतिदिन सूरज उगने से पहले लोगों के घर तक अखबार पहुंचाने में लग जाते हैं, और उनका यह सिलसिला सालों भर बिना रुके, बिना थके चलता रहता है। इसलिए वे सही मायने में कर्मयोगी हैं। उन्होंने कहा कि जिस निरंतरता और समयबद्धता के साथ बिना थके ये लोग अपना काम करते हैं उनकी यह जीवटता सलाम करने योग्य है।

घर-घर पहुंच, फीडबैक के लिए सटीक स्त्रोत

एसडीओ श्री कुमार ने सभी अखबार विक्रेताओं से कहा कि उन लोगों की गली-चौराहा तक ही नहीं बल्कि घर-घर तक पहुंच होती है,  प्रतिदिन एक ही रूट और एक ही समय पर आने जाने के कारण उनका फीडबैक जमीनी सूचना का सबसे बड़ा स्रोत हो सकता है। शहर की किस गली में किस प्रकार की समस्या है इसका सकारात्मक फीडबैक देकर शहर के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इतना ही नहीं शहर की कानून व्यवस्था से जुड़े विषयों पर भी समय-समय पर जरूरी सूचनाओं को प्रशासनिक स्तर तक पहुंचा कर शहर की शांति व्यवस्था में अपना योगदान दे सकते हैं। इस कार्यक्रम के दौरान नवल तिवारी,सत्येंद्र दुबे, विकास महतो, श्रवण राम, विनोद गुप्ता, करण रजक, ओमप्रकाश महतो, संजय रजक, मनोज बैठा, धीरेंद्र मिश्रा अर्जुन मेहता सुनील राम आदि ने अपने विचार रखे। सभी अखबार विक्रेताओं ने कहा कि यह उनके जीवन का पहला अवसर है जब किसी अधिकारी ने उन्हें अपने यहां बुलाकर इस तरह समय और सम्मान दिया।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

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