रांची: कथित रूप से अवैध खनन के मामले में 3 सितंबर 2023 को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन उनके प्रेस सलाहकार अभिषेक प्रसाद विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा समेत तकरीबन बीस ब्यूरोक्रेट और पुलिस पदाधिकारियों के खिलाफ झारखंड हाई कोर्ट के आदेश से प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह प्राथमिकी रांची अरगोड़ा निवासी अनुरंजन अशोक और बोकारो तुपकाडीह निवासी तीर्थनाथ आकाश के द्वारा दायर किए गए जनहित याचिका PIL के आलोक में हाई कोर्ट के आदेश से की गई है।
देखें आरोपियों की सूची
आरोपियों में मुख्य रूप से झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जिनके पास खनन मंत्रालय का भी जिम्मा है। इसके अलावा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रेस सलाहकार अभिषेक प्रसाद उर्फ पिंटू ,बरहेट विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा, साहिबगंज जिला वन पदाधिकारी मनीष तिवारी साहिबगंज जिला खनन अधिकारी विभूति कुमार साहिबगंज जिला उपयुक्त रामनिवास यादव साहिबगंज एसपी मनोरंजन किस्पोट्टा साहिबगंज एसडीपीओ राजेंद्र दुबे बरहरवा एसडीपीओ प्रमोद कुमार मिश्रा दहू यादव विष्णु प्रसाद यादव पवित्र कुमार यादव गुड्डू आलोक रंजन पतरु सिंह टिंकल भगत बच्चू यादव संजय कुमार यादव भगवान भगत भवेश भगत विक्रम प्रसाद के खिलाफ मुफस्सिल थाने में प्राथमिकी की दर्ज की गई है।
इन पर ये हैं आरोप
आरोप में कहा गया है कि मुख्य आरोपी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के संरक्षण में षड्यंत्र और मिली भगत से आरोपी नंबर दो मुख्यमंत्री के प्रेस सलाहकार अभिषेक प्रसाद और आरोपी नंबर तीन मुख्यमंत्री के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा के गैंग ने संज्ञेय अपराध किया है। जिन्होंने प्रतिदिन हजारों ट्रक बिना सरकार को राजस्व दिए बिना चालान के बिना जीएसटी के खनन किया है। इसके अलावा जंगल क्षेत्र में विस्फोटकों का इस्तेमाल कर स्टोन चिप्स का खनन किया। जिसके चलते वायु और जल प्रदूषण कर लोगों के मौलिक अधिकार का हनन किया लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। इसके अलावा कई और गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
अपील कर्ताओं ने विभिन्न धाराओं में मुकदमा दायर करने की मांग की है जो इस प्रकार है।














