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जमशेदपुर:मंईंयां सम्मान योजना के लाभ से वंचित महिलाओं का बीडीओ ऑफिस पर जोरदार प्रदर्शन,दी चेतावनी

On: April 10, 2025 6:01 AM
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ठोस पहल नहीं हुई तो राज भवन तक मार्च

जमशेदपुर: मंईंयां सम्मान योजना का लाभ पाने के लिए कई महीनो से प्रखंड विकास कार्यालय का चक्कर काट रही महिलाओं का धैर्य बुधवार को टूट गया और उन्होंने जमशेदपुर प्रखंड विकास कार्यालय के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे राज्यपाल भवन तक मार्च निकालेंगी।

प्रदर्शनकारियों ने सरकारी अधिकारियों पर लाभार्थियों को जान-बूझकर वंचित करने का आरोप लगाते हुए राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।मौके पर महिलाओं ने बताया कि वे पिछले कई महीनों से प्रखंड कार्यालय में दस्तावेजों में त्रुटियों को ठीक कराने के लिए बार-बार दौड़ लगा चुकी हैं, लेकिन अधिकारी केवल आश्वासन देकर टाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे बच्चों की पढ़ाई से लेकर घर के खर्च तक के लिए यह राशि जरूरी थी। सरकार ने वादा तोड़ दिया।

इसी तरह की स्थिति झारखंड के धनबाद सहित अन्य जिलों में भी देखी जा रही है, जहां आधार-बैंक खाता लिंक नहीं होने और तकनीकी खामियों के कारण हजारों लाभार्थियों को राशि नहीं मिल पा रही है। कुछ मामलों में तो पहली किस्त प्राप्त कर चुकी महिलाओं के नाम अचानक लाभार्थी सूची से हटा दिया गया।

बताया जा रहा है कि राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार, रांची जिले में 4.31 लाख महिलाओं को पहले चरण का भुगतान हो चुका है, जबकि जमशेदपुर और धनबाद जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में योजना का क्रियान्वयन अभी भी प्रशासनिक अक्षमता और तकनीकी बाधाओं से जूझ रहा है। अभी भी बड़ी संख्या में महिलाएं योजना के लाभ से वंचित हैं।

प्रदर्शन के दौरान महिलाओं का आक्रोश साफ नजर आया. उन्होंने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि यदि सरकार वास्तव में महिला सशक्तिकरण चाहती है, तो सभी पात्र लाभुकों को बिना भेदभाव के योजना का लाभ मिलना चाहिए। महिलाओं का कहना था कि वे लगातार प्रयास कर रही हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की जा रही।

Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।

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