September 3, 2026

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दूषित पानी ने बढ़ाई चिंता, नवादा पंचायत में 30 से अधिक लोग टाइफाइड से प्रभावित होने का दावा

बारिश का मौसम किसी के लिए राहत लेकर आता है,तो किसी गरीब परिवार के लिए यही बारिश मुसीबत बन जाती है,नवादा पंचायत में इन दिनों कुछ ऐसी ही तस्वीर सामने आ रही है,जहां लगातार बारिश और जलजमाव के बीच लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है,एक तरफ कई जरूरतमंद परिवार सुरक्षित छत के लिए परेशान हैं,तो दूसरी तरफ स्वच्छ पेयजल की चिंता ने ग्रामीणों की मुश्किल और बढ़ा दी है।

स्थानीय लोगों के अनुसार,पंचायत में लगी पेयजल टंकी की नियमित साफ सफाई नहीं होने के कारण पानी दूषित हो गया है,इसी दूषित पानी के सेवन से 30 से अधिक लोगों के टाइफाइड से प्रभावित होने का दावा किया जा रहा है,हालांकि,इन दावों की प्रशासनिक स्तर पर जांच और चिकित्सकीय पुष्टि होना बाकी है।

दूषित पानी की शिकायत सामने आने के बाद युवा समाजसेवी विक्रम ठाकुर ने जिला प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है,विक्रम ठाकुर ने प्रशासन से मांग की है कि पेयजल टंकी की तत्काल सफाई और सैनिटाइजेशन कराया जाए,साथ ही ग्रामीणों को सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाए,ताकि किसी तरह की बीमारी और न फैले,उन्होंने कहा कि जब बारिश और जलजमाव के बीच लोग पहले से ही परेशान हैं,ऐसे समय में दूषित पानी उनकी परेशानी को और गंभीर बना सकता है,इसलिए प्रशासन को केवल शिकायत का इंतजार नहीं करना चाहिए,बल्कि मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेना चाहिए।

इसके साथ ही उन्होंने बारिश से प्रभावित और आवासविहीन जरूरतमंद परिवारों को चिन्हित कर उन्हें सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने की भी मांग की है,विक्रम ठाकुर का कहना है कि स्वच्छ पानी और सिर के ऊपर सुरक्षित छत कोई सुविधा नहीं,बल्कि हर इंसान की बुनियादी जरूरत है।

अब सवाल सिर्फ इतना है कि जिन लोगों के घरों में बारिश ने चिंता पहुंचाई है और जिनके सामने पीने के पानी तक का संकट खड़ा हो गया है,उनकी आवाज प्रशासन तक कब पहुंचेगी,नवादा पंचायत के लोगों को उम्मीद है कि जिला प्रशासन इस मामले का संज्ञान लेकर पेयजल की जांच,टंकी की सफाई और प्रभावित परिवारों की मदद के लिए जल्द ठोस कदम उठाएगा,क्योंकि बीमारी फैलने के बाद इलाज से बेहतर है,समय रहते साफ पानी और सुरक्षित जीवन का इंतजाम किया जाए।