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होली बाद फिर बड़ी तेजी से गरजेंगे रेलवे के बुलडोजर,लोको क्रॉसिंग से सालगाझड़ी केबिन,मछुआ पाड़ा, हरिजन बस्ती पहले निशाने पर

On: February 27, 2026 7:07 AM
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जमशेदपुर: होली के बाद फिर से एक बार रेलवे वृहद पैमाने पर और तेजी से अतिक्रमण हटा अभियान चलाएगा। इसके लिए रेलवे ने पहले ही लोको क्रॉसिंग से सालगाझुड़ी केबिन तक मछुआ पाड़ा और हरिजन बस्ती समेत कई इलाकों में पहले ही नोटिस जारी कर दिया है। री डेवलपमेंट को लेकर तकरीबन 400 दुकान मकान और अतिक्रमण हटाने की तैयारी है।

पहले चरण में स्टेशन से कीताडीह और आसपास के कुछ हिस्सों में कार्रवाई पूरी की जा चुकी है। अब शेष क्षेत्रों में चार चरणों में अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया जाएगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार होली के बाद इस अभियान की रफ्तार और बढ़ाई जाएगी।अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि प्रभावित परिवारों और दुकानदारों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि उन्हें न्यूनतम परेशानी हो।

लोको क्रॉसिंग से सालगाझुड़ी केबिन तक मछुआ पाड़ा और हरिजन बस्ती समेत कई इलाकों में पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके हैं। जमीन खाली होने के बाद समतलीकरण कर सोलर प्लांट स्थापित किए जाएंगे।रीडेवलपमेंट योजना के साथ-साथ रेलवे सौर ऊर्जा उत्पादन पर भी जोर दे रहा है। रेल लाइन के किनारे लगभग 550 मीटर जमीन अधिग्रहित कर सोलर प्लांट लगाने की तैयारी है। इस पहल के तहत चक्रधरपुर रेल मंडल में 339 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। रेलवे की खाली जमीन पर छोटे-छोटे सोलर प्लांट लगाए जाएंगे, जिससे बिजली खर्च में उल्लेखनीय बचत की उम्मीद है।इसके अतिरिक्त, टाटानगर स्टेशन को रेलवे हब के रूप में विकसित करने की दिशा में नए यार्ड के निर्माण, आसपास के क्षेत्रों के सौंदर्याकरण और यात्री सुविधाओं के विस्तार की योजनाएँ भी प्रगति पर हैं। खासमहल रोड समेत आसपास के इलाकों को चरणबद्ध तरीके से खाली कराया जाएगा। रेलवे का मानना है कि रीडेवलपमेंट योजना पूरी होने के बाद टाटानगर स्टेशन का स्वरूप पूरी तरह बदल जाएगा और यात्रियों को आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध होंगी।

Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।

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