
विधायक सरयू राय बोले, ‘रोजगार के लिए करेंगे हर संभव मदद’,सुवर्णवणिक समाज ने भी सराहा
जमशेदपुर:
मानगो स्थित स्वर्णरेखा नदी के गांधी घाट पर अपनी जान की बाजी लगाकर डूबती बच्ची की रक्षा करने वाले जमील इस्लाम उर्फ जामू शेख की बहादुरी और इंसानियत की हर तरफ चर्चा हो रही है। जिउतिया पर्व के दौरान घटी इस घटना के बाद रविवार को जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय और सुवर्णवणिक समाज ने उन्हें सम्मानित कर उनकी हौसलाअफजाई की।
नदी में कूदकर बचाई थी जान
घटना के दिन मानगो के गांधी घाट पर जिउतिया पर्व के दौरान दो बच्चियां स्वर्णरेखा नदी के तेज बहाव की चपेट में आ गई थीं। घाट पर हवा मिठाई (कॉटन कैंडी) बेचने वाले जमील इस्लाम उर्फ जामू ने बिना अपनी जान की परवाह किए तुरंत पानी में छलांग लगा दी और तत्परता दिखाते हुए एक बच्ची को सकुशल बाहर निकाल लिया। वहीं, हादसे के वक्त मौके पर मौजूद शुभम नामक नौजवान ने भी सक्रियता दिखाते हुए तुरंत कई लोगों को फोन कर राहत और बचाव के लिए संपर्क साधा था।
विधायक सरयू राय ने किया सम्मानित, रोजगार में मदद का दिया भरोसा
शिक्षक सम्मान समारोह के मंच से विधायक सरयू राय ने जमील इस्लाम और तत्परता दिखाने वाले युवक शुभम को सम्मानित किया।
विधायक सरयू राय ने कहा:
“हवा मिठाई बेचने वाले श्री जामू शेख ने जिस हिम्मत का परिचय देकर बच्ची को बचाया, वह काबिले तारीफ है। उनकी जितनी भी सराहना की जाए, कम है। मैंने उनसे कहा है कि अगर वे हवा मिठाई बेचने के अलावा कोई अन्य काम या स्वरोजगार करना चाहें तो बताएं, इसके लिए जो भी संभव होगा, मैं पूरा सहयोग करूंगा।”
इसके साथ ही विधायक ने संकट के समय लगातार मदद जुटाने का प्रयास करने वाले नौजवान शुभम के जज्बे को भी सराहा और उन्हें भी मंच पर सम्मानित किया।
सुवर्णवणिक समाज ने भी पहनाई फूल-माला
बहादुरी के इस नेक काम के लिए सुवर्णवणिक समाज की ओर से भी जमील इस्लाम उर्फ जामू का नागरिक अभिनंदन किया गया। समाज के प्रतिनिधियों ने उन्हें फूल-माला पहनाकर सम्मानित किया और कहा कि मुश्किल वक्त में जात-पात और अपनी सुरक्षा से ऊपर उठकर इंसानियत निभाना समाज के लिए एक प्रेरणादायक मिसाल है।
स्वर्णरेखा नदी में बच्ची की जान बचाने वाले बहादुर युवक की मदद को आगे आए कांग्रेसी, भेंट किया नया मोबाइल
जमशेदपुर: स्वर्णरेखा नदी में डूब रही एक मासूम बच्ची की जान बचाकर इंसानियत की मिसाल पेश करने वाले छायानगर निवासी हवा मिठाई विक्रेता जमील के अदम्य साहस की चारों ओर सराहना हो रही है। रविवार को उनके इस जज्बे को सलाम करते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने आगे आकर उनकी मदद की।
जानकारी के मुताबिक, शनिवार को स्वर्णरेखा नदी में एक बच्ची को डूबता देख हवा मिठाई बेच रहे जमील ने अपनी जान की परवाह किए बगैर फौरन नदी में छलांग लगा दी। उन्होंने सूझबूझ और बहादुरी से बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हालांकि, इस बचाव के दौरान पानी में गिर जाने की वजह से उनका मोबाइल फोन पूरी तरह खराब हो गया, जिसके चलते उनका अपने परिजनों से भी संपर्क टूट गया था।
मामले की जानकारी मिलते ही कांग्रेस कार्यकर्ता ईश्वर सिंह और उनकी टीम ने रविवार को तत्परता दिखाते हुए जमील से मुलाकात की और उन्हें एक नया मोबाइल फोन उपलब्ध कराया, ताकि वे अपने परिवार से दोबारा जुड़ सकें। नया फोन पाकर जमील के चेहरे पर खुशी लौट आई।
इधर पार्टी के अन्य नेताओं ने भी बढ़ाया मदद का हाथ
वहीं दूसरी ओर, बच्ची की जान बचाने के दौरान मोबाइल खराब होने की जानकारी मिलने पर कांग्रेस के अन्य पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने भी जमील की इस बहादुरी का सम्मान किया। उन्होंने भी आगे आकर जमील को सहयोग स्वरूप एक नया मोबाइल फोन भेंट किया।
कांग्रेस नेताओं का कहना था कि अपनी जान जोखिम में डालकर एक मासूम की जिंदगी बचाना बेहद साहसिक और प्रेरणादायी कदम है। ऐसे नेक और जांबाज लोगों की हौसलाअफजाई व सहयोग करना पूरे समाज का कर्तव्य है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं द्वारा की गई इस संवेदनशील पहल की स्थानीय लोगों ने भी खूब सराहना की है।





