भगवान को जिस रूप में चाहो भगवान उसी रूप में आ जाते है : अमरचंद शास्त्री
दिनेश बनर्जी
सिल्ली: सिल्ली के आर्युवेदिक चिकित्सालय परिसर में चल रहे सात दिवसीय भागवत पुराण ज्ञान यज्ञ के छठे दिन सोमवार को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। आसपास के गांव से आए श्रद्धालुओं से आयोजन परिसर भर गया। गोवर्धन से आए प्रवचन कर्ता अमर चंद शास्त्री ने श्रीकृष्ण को बाल लीलाओं का वर्णन किया। शकटासुर का वध, बकासुर बध, पूतना बध, माखन चोरी, गोवर्धन पर्वत का उंगली पर उठाना समेत कई बाल लीलाओं का वर्णन किया। अमरचंद शास्त्री ने कहा कि दुनिया को नचाने वाले भगवान माता यशोदा जैसी भक्त के प्रेम में आकर रस्सी और ओखल से बध गए।
भगवान को जिस रूप में चाहो भगवान उसी रूप में आ जाते है। भजन कलाकारों ने कई भजन की प्रस्तुति की। मौके पर काफी संख्या में लोग मौजूद थे।
