पटना: बिहार की राजधानी पटना से एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आई है। पूर्णिया से सांसद और जन अधिकार पार्टी के प्रमुख पप्पू यादव की जमानत पर सोमवार को होने वाली सुनवाई अचानक टाल दी गई। इसकी वजह पटना सिविल कोर्ट को ई-मेल के जरिए मिली बम से उड़ाने की धमकी रही। सुरक्षा कारणों से कोर्ट परिसर को खाली करा दिया गया, जिससे MP-MLA कोर्ट समेत सभी अदालतों में कामकाज स्थगित करना पड़ा।
सुनवाई टलने के चलते पप्पू यादव को फिलहाल जेल में ही रहना होगा। वे इस समय पटना की बेऊर जेल में बंद हैं।
बम की धमकी से मचा हड़कंप
सोमवार सुबह पटना सिविल कोर्ट के रजिस्ट्रार को एक ई-मेल प्राप्त हुआ, जिसमें परिसर के भीतर तीन IED बम रखे होने की बात कही गई थी। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन हरकत में आ गया। सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत पूरे कोर्ट कैंपस को खाली कराया और MP-MLA कोर्ट को भी एहतियातन बंद कर दिया गया। इसके बाद बम निरोधक दस्ते और पुलिस टीम ने कोर्ट परिसर के चप्पे-चप्पे की गहन जांच की। हालांकि जांच के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक बरामद नहीं हुआ, लेकिन सुरक्षा को देखते हुए अदालतों में होने वाली सभी सुनवाइयों को टाल दिया गया। अब अगली सुनवाई की तारीख तय होने तक पप्पू यादव को बेऊर जेल में ही रहना होगा।
31 साल पुराने मामले में गिरफ्तारी
पप्पू यादव को 31 साल पुराने एक मामले में गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि वर्ष 1995 में उन्होंने पटना में एक मकान पर अवैध कब्जा कर लिया था। बताया गया कि वे शुरुआत में उस मकान में किराये पर कमरा लेकर रहने गए थे, बाद में वहां अपना कार्यालय खोला और धीरे-धीरे पूरे मकान पर कब्जा कर लिया।
मकान मालिक ने इस संबंध में थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। प्रशासन का कहना है कि इस केस में पप्पू यादव को कई बार अदालत में पेश होने के लिए नोटिस भेजे गए, लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए। इसके बाद कोर्ट ने पप्पू यादव समेत सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया। वारंट के आधार पर पुलिस ने पप्पू यादव को गिरफ्तार कर लिया था।














