असम: विधानसभा चुनाव में पहले 19 सीट पर चुनाव लड़ने की तैयारी में झारखंड मुक्ति मोर्चा थी लेकिन अब खबर आ रही है कि यह फैसला बदलकर अब 21 सीटों पर झामुमो ने ताल ठोक दिया है। जिसमें एक आरक्षित सीट भी शामिल है। बताया जा रहा है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा अब अपनी पहचान राष्ट्रीय स्तर पर करने की तैयारी में जुट चुकी है।
देखें सूची
घोषित 21 सीटों में से एक सीट आरक्षित श्रेणी की है, जबकि बाकी सभी सीटें सामान्य वर्ग की हैं। यह भी संकेत देता है कि पार्टी विभिन्न सामाजिक वर्गों को साधने की कोशिश कर रही है।राजनीतिक जानकारों का मानना है कि JMM का यह कदम रणनीतिक विस्तार का हिस्सा है। पार्टी लंबे समय से झारखंड के बाहर अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है, और असम जैसे पूर्वोत्तर राज्य में सीटों की संख्या बढ़ाना इसी दिशा में एक संकेत है।
इससे यह भी स्पष्ट होता है कि पार्टी अब सीमित क्षेत्रीय दायरे से बाहर निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाना चाहती है।सूत्रों के अनुसार, उम्मीदवारों के चयन में स्थानीय समीकरणों और जातीय-सामाजिक संतुलन का विशेष ध्यान रखा गया है। पार्टी ने ऐसे चेहरों को मौका देने की कोशिश की है, जिनकी जमीनी पकड़ मजबूत हो और जो क्षेत्रीय मुद्दों को प्रभावी तरीके से उठा सकें।











