रांची: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने रिश्वतखोरी के एक गंभीर मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दक्षिण पूर्वी रेलवे के एक मुख्य वाणिज्यिक निरीक्षक (CCI) हिमांशु शेखर को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी अधिकारी पर एक ठेकेदार से लंबित बिलों के भुगतान के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है।
सीबीआई द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, आरोपी अधिकारी ने शिकायतकर्ता के करीब 8.70 लाख रुपये के बकाया बिल को पास कराने के एवज में 10 प्रतिशत कमीशन की मांग की थी। इस तरह वह भुगतान प्रक्रिया को प्रभावित कर अवैध रूप से मोटी रकम वसूलने की फिराक में था। इस अवैध मांग से परेशान होकर शिकायतकर्ता ने मामले की सूचना सीबीआई को दी, जिसके बाद एजेंसी ने तुरंत संज्ञान लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी।
बताया गया है कि बुधवार (25 मार्च 2026) को सीबीआई ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की। प्रारंभिक जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद टीम ने आरोपी को पकड़ने के लिए एक सुनियोजित ट्रैप प्लान तैयार किया। योजना के तहत आरोपी ने पहली किस्त के रूप में 50 हजार रुपये रिश्वत के तौर पर स्वीकार करने की बात कही।
पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार, जैसे ही आरोपी अधिकारी ने शिकायतकर्ता से रिश्वत की राशि ली, मौके पर मौजूद सीबीआई की टीम ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह पूरी कार्रवाई बेहद गोपनीय तरीके से की गई, ताकि आरोपी को किसी तरह की भनक न लग सके।
गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने आरोपी के कार्यालय और आवासीय ठिकानों पर तलाशी अभियान भी शुरू कर दिया है। इस दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज, नकदी और अन्य संदिग्ध सामग्रियां बरामद की जा रही हैं। जांच एजेंसी इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि इस भ्रष्टाचार के नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
इस कार्रवाई के बाद दक्षिण पूर्वी रेलवे के अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच हड़कंप मच गया है। माना जा रहा है कि जांच आगे बढ़ने पर इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है और आगे की कार्रवाई उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।














