
झारखंड वार्ता संवाददाता
श्री बंशीधर नगर (गढ़वा)। नगर उंटारी थाना पुलिस ने गौवंशीय पशुओं की कथित तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 32 गोवंशीय पशुओं को मुक्त कराया है। इस मामले में चार आरोपितों को गिरफ्तार कर गुरुवार को न्यायिक हिरासत में गढ़वा भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपित गोवंशीय पशुओं को जंगल के रास्ते कथित तौर पर वध के लिए दूसरे राज्य ले जाने की तैयारी में थे। थाना प्रभारी उपेंद्र कुमार को बुधवार की देर रात गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ लोग कोइन्दी गांव के बाहरी इलाके से जंगल के रास्ते सिरियाटोंगर की ओर बड़ी संख्या में गोवंशीय पशुओं को हांकते हुए ले जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम को कार्रवाई के लिए रवाना किया गया।
थाना प्रभारी के निर्देश पर सहायक अवर निरीक्षक संजय कुमार महतो पुलिस बल के साथ रात करीब 10:25 बजे कोइन्दी गांव पहुंचे और छापेमारी की। पुलिस के अनुसार, वहां चार लोग बड़ी संख्या में गोवंशीय पशुओं को हांकते हुए ले जा रहे थे। पशुओं को लाठी-डंडे से मारते हुए तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा था।
पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए इलाके की घेराबंदी की और चारों आरोपितों को पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान उनसे गोवंशीय पशुओं के परिवहन से संबंधित वैध कागजात मांगे गये, लेकिन वे कोई संतोषजनक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।
थाना प्रभारी उपेंद्र कुमार ने बताया कि पुलिस ने मौके से कुल 32 गोवंशीय पशुओं को मुक्त कराया है। इनमें गाय, बैल और बछड़े शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान विशनुपुरा निवासी अनवर खान (37), विशनुपुरा निवासी शमशेर खान (21), कोइन्दी निवासी फजल हुसैन (50) और पतिहारी निवासी अली हुसैन (35) के रूप में हुई है।
इस संबंध में नगर उंटारी थाना में कांड संख्या 186/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के अलावा झारखंड गोवंशीय पशु वध प्रतिषेध अधिनियम एवं पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद गिरफ्तार चारों आरोपितों को न्यायिक हिरासत में गढ़वा भेज दिया। मामले में आगे की जांच की जा रही है।
थाना प्रभारी उपेंद्र कुमार ने कहा कि क्षेत्र में गौवंशीय पशुओं की अवैध तस्करी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी रहेगा। दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और उनके विरुद्ध कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।







