रांची: झारखंड मंत्रालय में गुरुवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में कुल 27 प्रस्तावों पर कैबिनेट की मुहर लगी। हालांकि नगर निकाय चुनाव के मद्देनज़र राज्य में लागू आदर्श आचार संहिता के कारण बैठक में लिए गए निर्णयों को लेकर औपचारिक प्रेस ब्रीफिंग नहीं की जा सकी। इसी वजह से सरकार ने फैसलों को सार्वजनिक रूप से विस्तार से साझा करने से परहेज किया, जिससे कई अहम निर्णयों की पूरी जानकारी सामने नहीं आ सकी।
वरिष्ठ खिलाड़ियों के लिए पेंशन योजना का दायरा बढ़ा
कैबिनेट बैठक में राज्य के वरिष्ठ खिलाड़ियों को दी जाने वाली पेंशन योजना को नए सिरे से व्यवस्थित करने का निर्णय लिया गया। इसके तहत अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर की प्रमुख खेल प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को पेंशन देने का दायरा बढ़ाया गया है।
ओलंपिक या राजीव गांधी खेल रत्न जैसे सर्वोच्च खेल सम्मानों से सम्मानित खिलाड़ियों को अब 20 हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जाएगी। वहीं वर्ल्ड कप, एशियाई खेल, सैफ गेम्स और अन्य राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को अलग-अलग श्रेणियों में रखकर 5 हजार रुपये से लेकर 16 हजार रुपये तक मासिक पेंशन देने का फैसला लिया गया है। राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं के पदक विजेताओं को न्यूनतम 5 हजार रुपये पेंशन मिलेगी।
विश्वविद्यालयों में पदों के पुनर्गठन को मंजूरी
मंत्रिपरिषद ने झारखंड के कई विश्वविद्यालयों में शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर पदों के पुनर्गठन से जुड़े प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी। इसके तहत सिदो-कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय, कोल्हान विश्वविद्यालय और विनोबा भावे विश्वविद्यालय में पदों की नई संरचना तय की गई है। इस फैसले से उच्च शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में कदम माना जा रहा है।
न्यायालयी आदेशों से जुड़े मामलों पर सहमति
बैठक में विभिन्न मामलों में न्यायालयों द्वारा दिए गए आदेशों के अनुपालन से संबंधित प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। हाल के दिनों में आए न्यायिक निर्देशों के आलोक में तैयार किए गए प्रस्तावों पर कैबिनेट ने सहमति जताई।
जेपीएससी आयु सीमा छूट का प्रस्ताव टला
कार्मिक विभाग से जुड़े दो प्रस्तावों को फिलहाल टाल दिया गया है। इनमें 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) परीक्षा के अभ्यर्थियों को आयु सीमा में छूट देने से संबंधित प्रस्ताव भी शामिल है। आयु सीमा की कट-ऑफ तिथि और छूट की अवधि को लेकर शीर्ष स्तर पर सहमति नहीं बन पाने के कारण इस विषय पर दोबारा विचार करने का निर्णय लिया गया है।
सी-डैक की सेवा अवधि बढ़ी, हजारों पद कार्मिक विभाग को सौंपे गए
इसके अलावा कैबिनेट ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, जल संसाधन विभाग समेत अन्य कार्य विभागों को लेखांकन और कार्य प्रबंधन में तकनीकी सहयोग देने वाली सी-डैक (C-DAC) कंपनी की सेवा अवधि बढ़ाने का फैसला किया। वहीं जल संसाधन विभाग के तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग के कुल 2727 पदों को कार्मिक विभाग को सौंपने की मंजूरी भी दी गई।










