
जमशेदपुर / सरायकेला:
मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पूर्वी सिंहभूम के सोनारी थाना और सरायकेला-खरसावां जिले के कपाली ओपी (थाना) की पुलिस ने एक संयुक्त छापेमारी अभियान में डोभो पुल के समीप तस्करों के मंसूबों को नाकाम कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 3 किलोग्राम अवैध गांजा और 5 लाख 19 हजार रुपये की भारी नकदी बरामद की है।
गुप्त सूचना पर बिछाया गया जाल
पुलिस को डोभो पुल क्षेत्र में अंतर-जिला मादक पदार्थ सिंडिकेट की संदिग्ध गतिविधियों और भारी मात्रा में नशीले पदार्थों की डिलीवरी की गुप्त सूचना मिली थी। चूंकि डोभो पुल पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां दोनों जिलों की सीमाओं को जोड़ता है, इसलिए अपराधियों की घेराबंदी के लिए दोनों थानों की संयुक्त टीम तैयार की गई।
पुलिस अधीक्षक (नगर) के सीधे मार्गदर्शन और मॉनिटरिंग में दोनों थानों की टीम ने डोभो पुल और उसके आसपास के संवेदनशील रास्तों पर नाकेबंदी की। संदिग्धों को घेरते हुए तलाशी अभियान चलाया गया, जिसके परिणामस्वरूप प्रतिबंधित गांजे की खेप और ड्रग्स कारोबार से जुटाए गए 5.19 लाख रुपये नकद जब्त किए गए।
सप्लाई नेटवर्क और मनी ट्रेल की पड़ताल तेज
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के स्रोत (Source) और गंतव्य (Destination) को खंगाल रही है। पुलिस मुख्य रूप से दो बिंदुओं पर जांच केंद्रित कर रही है:
सप्लाई चेन: गांजे की यह खेप ओडिशा या अन्य पड़ोसी राज्यों से किस रूट के जरिए जमशेदपुर लाई जा रही थी और इसे शहर के किन इलाकों में खपाने की योजना थी।
वित्तीय स्रोत: मौके से बरामद ₹5.19 लाख नकद किस डीलिंग के तहत एकत्रित किए गए थे और इस लेन-देन में कौन-कौन से स्थानीय फाइनेंसर या रिसीवर शामिल हैं।
सख्त कार्रवाई का संदेश
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अंतर-जिला सीमाओं का फायदा उठाकर नशे का कारोबार करने वाले अपराधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। जब्त नकदी के सिलसिले में आयकर और संबंधित वित्तीय एजेंसियों को भी अग्रिम कार्रवाई के लिए सूचित किया जा रहा है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशे के अवैध कारोबार में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और बैकवर्ड-फॉरवर्ड लिंकेज के आधार पर आगे और भी गिरफ्तारियां संभव हैं।




