
जमशेदपुर: लौहनगरी की शांत सड़कें मंगलवार देर रात उस वक्त दहल उठीं, जब एक लाल रंग की लग्जरी कार ने पुलिस नाकेबंदी को धता बताते हुए सड़क पर खूनी खेल शुरू कर दिया। चेकिंग पोस्ट देखते ही गाड़ी के पहियों की रफ्तार ऐसी बढ़ी कि रास्ते में जो आया, उसे रौंदते और टक्कर मारते हुए कार आगे निकलती चली गई।
सीतारामडेरा इलाके में एंटी-क्राइम रूटीन चेकिंग चल रही थी, तभी सामने से आ रही लाल कार को पुलिस ने रुकने का इशारा किया। मगर रुकने के बजाय ड्राइवर ने एक्सीलेटर दबा दिया। इसके बाद भुइयांडीह बस स्टैंड से बागुनहातु चौक तक पुलिस की पीसीआर वैन और बेकाबू कार के बीच कई किलोमीटर तक फिल्मी स्टाइल में हाई-स्पीड चेज चली।
टायर फटे तो थमी रफ्तार
टीमकेन कंपनी के पास पहुंचते-पहुंचते किस्मत ने साथ छोड़ दिया और जोरदार झटके के साथ कार के दोनों अगले टायर फट गए। बेकाबू गाड़ी रुकते ही पुलिस ने चारों तरफ से घेराबंदी कर ली। जब शीशे नीचे कराए गए, तो अंदर का नजारा चौंकाने वाला था—कार में दो लड़के और दो लड़कियां सवार थे, जिनकी उम्र बेहद कम दिख रही है।
कार से मिला ‘पार्टी और बवाल’ का सामान
तलाशी के दौरान पुलिस को गाड़ी की पिछली सीट और डिग्गी से शराब की बोतलें, सिगरेट के रैपर और एक बेसबॉल बैट बरामद हुआ है। आशंका जताई जा रही है कि नशे और रईसी के सुरूर में देर रात यह ‘जॉयराइड’ किसी बड़े हादसे की साजिश बन सकती थी। गनीमत रही कि टक्करों के बावजूद कोई जान का नुकसान नहीं हुआ, हालांकि कार पूरी तरह चकनाचूर हो चुकी है।
पुलिसिया रडार पर ‘ड्राइवर’ कौन?
सीतारामडेरा पुलिस ने चारों को हिरासत में लेकर हवालात भेज दिया है। पुलिस अब मेडिकल टेस्ट और आईडी प्रूफ खंगाल कर यह जांचने में जुटी है कि क्या सवार सभी लोग नाबालिग हैं? स्टेयरिंग किसके हाथ में थी और आखिर पुलिस को देखकर रफ्तार का यह खूनी खेल खेलने की नौबत क्यों आई? मामले की पड़ताल जारी है।




