

बता दें कि चुनाव आयोग ने पूरे देश भर में 334 दलों का रजिस्ट्रेशन रद्द किया है।
आयोग ने दूसरे चरण में छह वर्षों से चुनाव नहीं लड़ने वाले देश के 476 राजनीतिक दलों की पहचान कर उन्हें सूची से हटाने का निर्णय लिया है, जिनमें पांच झारखंड के हैं।
हालांकि, इसमें कौन-कौन से राजनीतिक दल सम्मिलित हैं, इसका खुलासा नहीं हो पाया है। बताते चलें कि इससे पहले आयाेग ने नौ अगस्त को 334 राजनीतिक दलों को पंजीकृत राजनीतिक दलों की सूची से बाहर किया था, उनमें भी पांच झारखंड के थे।
इनमें देवघर के भारत विकास मोर्चा, पलामू के भारतीय जनमुक्ति पार्टी एवं मानव मुक्ति मोर्चा, गढ़वा के नवजवान संघर्ष मोर्चा तथा रांची के राष्ट्रीय मजदूर किसान प्रजातांत्रिक पार्टी सम्मिलित थे। अब ये राजनीतिक दल चुनाव नहीं लड़ पाएंगे।
स्वदेशी का नाम, विदेशी सामान उपयोग करती है भाजपा : कांग्रेस
अगस्त क्रांति की पावन स्मृति में जब देश आत्मनिर्भरता और बलिदान की भावना को याद कर रहा है, वहीं भाजपा नेताओं द्वारा स्वदेशी का शंखनाद केवल मंचीय भाषणों तक सीमित है। वास्तविक जीवन में उनका आचरण इसके ठीक उलट है।
झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया चेयरमैन सतीश पाल मुंजनी ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा नेताओं के घर, कार्यालय और यहां तक कि उनके चुनावी प्रचार में इस्तेमाल होने वाली अधिकांश सामग्री, चाहे वह मोबाइल फोन हो, गाड़ी हो, कपड़े हों या प्रचार सामग्री, विदेशी कंपनियों की हैं।
स्वदेशी का नाम लेकर जनता को उपदेश देना और खुद विदेशी सामान का इस्तेमाल करना, यह भाजपा की आदत बन चुकी है। घर-घर स्वदेशी का नारा देने वाले नेता खुद के घर में विदेशी ब्रांडों का शोरूम चलाते हैं।
भाजपा के नेताओं को पहले अपने घर और दफ्तर में मौजूद सभी विदेशी ब्रांड की सूची सार्वजनिक करनी चाहिए और यह साबित करना चाहिए कि वे वास्तव में स्वदेशी उत्पादों का प्रयोग कर रहे हैं।
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Pratap Singh
November 4, 2026





