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लाल किला ब्लास्ट में जैश-ए-मोहम्मद का हाथ, UNSC की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

On: February 12, 2026 7:15 PM
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नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की प्रतिबंध समिति की हालिया रिपोर्ट में 10 नवंबर को दिल्ली के लाल किले के पास हुए विस्फोट, जिसमें 15 लोगों की जान गई थी, का संबंध पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जोड़ा गया है। इस दावे ने उन आकलनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनमें पाकिस्तान द्वारा कहा जा रहा था कि यह संगठन अब निष्क्रिय हो चुका है।

यूएन सुरक्षा परिषद को सौंपी गई रिपोर्ट में एनालिटिकल सपोर्ट एंड सैंक्शंस मॉनिटरिंग टीम ने उल्लेख किया है कि एक सदस्य देश द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार जैश-ए-मोहम्मद ने हालिया हमलों की जिम्मेदारी ली है। इनमें नई दिल्ली स्थित लाल किले के पास हुआ विस्फोट भी शामिल बताया गया है।

लाल किला न केवल यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है, बल्कि यह भारत की संप्रभुता और ऐतिहासिक विरासत का प्रतीक भी है। ऐसे प्रतिष्ठित स्थल को निशाना बनाए जाने की घटना को क्षेत्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से अत्यंत गंभीर माना जा रहा है।

रिपोर्ट में एक और महत्वपूर्ण पहलू का उल्लेख किया गया है। बताया गया है कि 8 अक्टूबर को जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर ने जमात-उल-मुमिनात नामक महिला शाखा के गठन की घोषणा की थी। हालांकि यह इकाई अभी संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंध सूची में शामिल नहीं है, लेकिन मॉनिटरिंग टीम ने कहा है कि इसे आतंकी गतिविधियों के समर्थन के उद्देश्य से बनाया गया है। महिलाओं को संगठनात्मक और लॉजिस्टिक भूमिकाओं में शामिल करना चरमपंथी संगठनों की बदलती रणनीति का संकेत हो सकता है। इससे भर्ती आधार बढ़ाने, नेटवर्क विस्तार करने और सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी से बचने में मदद मिल सकती है। रिपोर्ट में इसे संगठन की कार्यशैली में संभावित बदलाव के रूप में देखा गया है।

यूएन टीम ने यह भी रेखांकित किया है कि सदस्य देशों के बीच जैश-ए-मोहम्मद की वर्तमान सक्रियता को लेकर मतभेद हैं। जहां कुछ देश इसे अब भी परिचालन रूप से सक्रिय और खतरनाक मानते हैं, वहीं एक सदस्य देश ने इसे निष्क्रिय बताया है।
इन अलग-अलग आकलनों के कारण दक्षिण एशिया में आतंकवाद-रोधी सहयोग के प्रयास जटिल होते रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की असहमति क्षेत्रीय सुरक्षा रणनीतियों को प्रभावित कर सकती है।

साल 2000 में स्थापित जैश-ए-मोहम्मद को संयुक्त राष्ट्र ने अल-कायदा से संबद्ध आतंकी संगठन के रूप में सूचीबद्ध किया है। यह संगठन मुख्य रूप से भारत, विशेषकर जम्मू-कश्मीर, में कई हमलों के आरोपों को लेकर चर्चित रहा है। इसके प्रमुख मसूद अजहर पर यात्रा प्रतिबंध और संपत्ति फ्रीज सहित कई अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लागू हैं।

रिपोर्ट में दक्षिण और मध्य एशिया में उभरते जटिल आतंकी परिदृश्य का भी उल्लेख किया गया है। मॉनिटरिंग टीम के अनुसार, लगातार दबाव के बावजूद कुछ संगठन नई रणनीतियों, नए नामों और प्रतीकात्मक उच्च-प्रोफाइल लक्ष्यों के जरिए अपनी मौजूदगी बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। अलग से, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए एक अन्य हमले से जुड़े तीन संदिग्धों को जुलाई में सुरक्षा बलों ने मार गिराया। इसे क्षेत्र में सक्रिय उग्रवादी नेटवर्क के खिलाफ जारी कार्रवाई का हिस्सा बताया गया है।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

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