
पुलिस की छापेमारी में सामने आया तस्करी का अनोखा तरीका, केबिन के पीछे विशेष बॉक्स बनाकर छिपाया गया था लाखों का मादक पदार्थ
गढ़वा: झारखंड में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। गढ़वा जिले में पुलिस ने एक कंटेनर वाहन के भीतर बेहद शातिर तरीके से बनाए गए गुप्त तहखाने से 426 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। तस्करों ने पुलिस और जांच एजेंसियों की नजरों से बचने के लिए वाहन के अंदर ही विशेष बॉक्सनुमा ढांचा तैयार कर रखा था। हालांकि, पुलिस की सतर्कता ने तस्करों की इस चालाकी को नाकाम कर दिया। कार्रवाई के दौरान वाहन चालक मौके से गायब मिला।
पुलिस के अनुसार, गढ़वा के पुलिस अधीक्षक को गुप्त सूचना मिली थी कि गढ़वा थाना क्षेत्र के कल्याणपुर ओवरब्रिज के पास सड़क किनारे खड़े एक कंटेनर में भारी मात्रा में गांजा छिपाकर रखा गया है। सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में सक्रियता बढ़ गई और तत्काल छापेमारी की रणनीति तैयार की गई।
एसडीपीओ दिल्लू लोहरा के नेतृत्व में गढ़वा थाना प्रभारी सुनील कुमार तिवारी सहित पुलिस पदाधिकारियों और जवानों की विशेष टीम बनाई गई। टीम ने बिना देर किए बताए गए स्थान पर पहुंचकर कंटेनर की जांच शुरू की। मौके पर UP21BN7171 नंबर का कंटेनर खड़ा मिला, लेकिन उसमें न तो चालक था और न ही कोई अन्य व्यक्ति। पुलिस ने आसपास काफी तलाश की, लेकिन चालक का कोई पता नहीं चल सका।
केबिन के पीछे मिला तस्करी का गुप्त ठिकाना
शुरुआती जांच के बाद पुलिस ने कंटेनर की बारीकी से तलाशी ली। इसी दौरान ड्राइवर केबिन के ठीक पीछे एक संदिग्ध बॉक्सनुमा संरचना दिखाई दी। पहली नजर में यह सामान्य ढांचे जैसा लग रहा था, लेकिन पुलिस को शक हुआ कि इसके भीतर कुछ छिपाया गया है।
इसके बाद वाहन को गढ़वा थाना लाया गया। यहां कटर मशीन की मदद से उस विशेष बॉक्स को काटकर खोला गया। अंदर का नजारा देखकर पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए। गुप्त तहखाने के भीतर प्लास्टिक की थैलियों में गांजा के पैकेट छिपाकर रखे गए थे।
पुलिस ने एक-एक कर सभी पैकेट बाहर निकाले। गिनती करने पर कुल 426 पैकेट मिले। प्रत्येक पैकेट का वजन करीब एक किलोग्राम था। इस तरह कंटेनर से कुल 426 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया।
कहां से आया था गांजा, किसे होनी थी सप्लाई?
फिलहाल पुलिस की जांच का दायरा बरामद गांजे तक सीमित नहीं है। जांच अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि इतनी बड़ी खेप कहां से लाई गई थी और इसे किस स्थान पर पहुंचाया जाना था। साथ ही कंटेनर के मालिक, चालक और इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
पुलिस को आशंका है कि इस तस्करी के पीछे संगठित नेटवर्क हो सकता है। फरार चालक की तलाश के साथ-साथ वाहन से जुड़े दस्तावेजों और अन्य सुरागों के आधार पर तस्करी के पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
गढ़वा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। इस मामले में अनुसंधान पूरा होने के बाद संलिप्त लोगों के खिलाफ कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गुप्त तहखाने में छिपाकर रखी गई 426 किलो गांजे की यह बरामदगी एक बार फिर दिखाती है कि तस्कर किस तरह नए-नए तरीके अपनाकर अपने अवैध कारोबार को अंजाम देने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन गढ़वा पुलिस की इस कार्रवाई ने उनकी एक बड़ी कोशिश पर पानी फेर दिया।




