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बिहार लालू राबड़ी आवास में घुस गई अनकंट्रोल भीड़, नारा लगाने लगी, चोर विधायक नहीं चाहिए फिर पुलिस…!

On: October 4, 2025 6:45 PM
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पटना:बिहार में चुनाव आयोग की टीम भी दौरे पर है अगले कुछ दिनों में जल्द ही चुनाव का ऐलान हो सकता है। इधर बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सियासत भी गर्म है। सत्ता पक्ष और विपक्ष एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप कर रहे हैं और विभिन्न राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया चुनाव प्रचार जोरो पर है। इसी बीच लालू राबड़ी के सरकारी आवास में जमकर बवाल हुआ है।मखदुमपुर विधानसभा क्षेत्र के सैकड़ों लोग अचानक लालू के घर पहुंच गए और ‘चोर विधायक नहीं चाहिए’ के नारे लगाने लगे।

दरअसल, ये लोग मौजूदा राजद विधायक सतीश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे और पार्टी से मांग कर रहे थे कि उन्हें आगामी विधानसभा चुनाव में दोबारा टिकट न दिया जाए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि विधायक सतीश कुमार ने अपने कार्यकाल में क्षेत्र के विकास पर कोई ध्यान नहीं दिया। उन्होंने जनता की समस्याओं को नजरअंदाज किया और कोई ठोस काम नहीं किया।

विधायक सतीश कुमार का विरोध

गुस्साए लोगों ने लालू के आवास परिसर में घुसकर विधायक सतीश कुमार के खिलाफ “चोर विधायक नहीं चाहिए, सतीश कुमार को हराना है” जैसे नारे लगाए। इस अचानक हुए हंगामे से आवास पर अफरा-तफरी मच गई। सुरक्षा कर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को बाहर करने की कोशिश की, लेकिन कुछ समय तक नारेबाजी और विरोध होता रहा।

राजद नेतृत्व की बढ़ी मुश्किलें

लोगों ने कहा कि अगर पार्टी ने मखदुमपुर विधानसभा में इस बार भी सतीश कुमार को टिकट दिया, तो वे इसका पुरजोर विरोध करेंगे। उनकी मांग है कि टिकट किसी ऐसे उम्मीदवार को मिले जो क्षेत्र की तरक्की और लोगों की भलाई के लिए काम करे। इस घटना ने राजद नेतृत्व की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, क्योंकि विधानसभा चुनाव नजदीक हैं और टिकट वितरण को लेकर पार्टी के अंदर पहले से ही असंतोष की आवाजें उठ रही हैं।

बिहार विधानसभा चुनाव की बात करें तो इस साल अक्टूबर-नवंबर के बीच चुनाव होने की संभावना है। राज्य की 243 सीटों पर मतदान होना है, हालांकि चुनाव आयोग ने अभी आधिकारिक तारीखों की घोषणा नहीं की है। राजनीतिक दल उम्मीदवारों का चयन और रणनीति बनाने में जुटे हुए हैं।

Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।

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