रात में जमीन पर सोने के दौरान सांप ने काटा: झाड़-फूंक के लिए डॉक्टर के पास ले गए, इलाज में देरी, गुमला सदर अस्पताल में मौत
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गुमला जिले के फटी गांव में जहरीले सांप के काटने से 39 वर्षीय फूलचंद उरांव की मौत हो गयी. यह दुखद घटना शनिवार सुबह करीब 7 बजे सामने आई। परिजनों के मुताबिक, फूलचंद शुक्रवार की रात करीब नौ बजे खाना खाने के बाद अपने घर में फर्श पर सो गये. देर रात करीब एक बजे उसे कुछ काटने का अहसास हुआ। पहले तो उन्होंने इसे चूहे का काटा समझकर नजरअंदाज कर दिया, लेकिन धीरे-धीरे उनकी हालत बिगड़ने लगी। बाद में परिजनों को जहरीले सांप के काटने की आशंका हुई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिजन फूलचंद को रात में ही झाड़-फूंक के लिए गांव ले गये, जिससे इलाज में काफी देरी हो गयी. शनिवार की सुबह करीब छह बजे उसे ऑटो से सदर अस्पताल गुमला लाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. अस्पताल में इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. इस घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. मृतक अपने पीछे पत्नी और तीन बच्चे छोड़ गया है, जिनका सहारा अब छिन गया है। घटना की जानकारी मिलते ही सदर थाना पुलिस हरकत में आ गयी. मौके पर पहुंचे एसआई अरविंद तिवारी ने शव का पंचनामा किया और पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी. सदर अस्पताल के डॉक्टर पीसीके ने कहा, तीन घंटे के अंदर इलाज जरूरी है. भगत ने कहा कि सर्पदंश के मामलों में समय पर इलाज बहुत जरूरी है. उन्होंने कहा कि सांप के काटने के तीन घंटे के अंदर मरीज को अस्पताल ले जाना चाहिए, ताकि एंटी वेनम देकर उसकी जान बचाई जा सके. उन्होंने चेतावनी दी कि करैत जैसे जहरीले सांपों का जहर शरीर में तेजी से फैलता है. थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है. बरसात के मौसम में ग्रामीण इलाकों में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ जाती हैं, इसलिए लोगों को विशेष रूप से सतर्क रहने की जरूरत है, खासकर जमीन पर सोने से बचें।
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