बोकारो:झामुमो बोकारो जिला अध्यक्ष रतनलाल माझी द्वारा उनकी पत्नी गुलाबी देवी पर गंभीर आरोप किसी अन्य व्यक्ति के साथ संबंध ही निराधार है, गलत और बेबुनियाद झूठा है।
आज ग्राम बरुआटांड़ पंचायत कनारी में आदिवासी संताल समाज की एक बैठक हुई।
जिसमें पूर्व जिला परिषद सदस्य गुलाबी देवी और उनका पति झामुमो बोकारो जिला अध्यक्ष रतनलाल माझी के मामले को तुल पकड़ते हुए , इस गंभीर मुद्दे को लेकर बरुआटांड़ गांव के ग्राम प्रधान (माझी हाड़म) उपेन्द्र हेम्बरम ने बैठक बुलाई।
ग्राम प्रधान उपेन्द्र हेम्बरम ने कहा कि गुलाबी देवी गांव बरुआटांड़ कनारी और गांव मायापुर, पेटरवार थाना निवासी वर्तमान झामुमो बोकारो जिला अध्यक्ष रतनलाल माझी के साथ आदिवासी समाज कि अगुवाई में दोनों गांव के ग्राम प्रधान के उपस्थित में वर्ष 1998 मे शादी संपन्न हुई है।
आदिवासी संताल समाज में दोनों माझी हडा़म और गांव के मोड़े को तुरूय को” के समक्ष शादी संपन्न होता है। शादी संपन्न होने के बाद विदाई के समय गांव के मुड़ा में ( कुल्ही मुचात में) दोनों माझी हडा़म और गांव के गणमान्य लोग के उपस्थिति में मतकोम बुटा ढारवा़क होता है।
और उस मतकोम बुटा ढारवा़क में लड़की की तरफ का ग्राम प्रधान, लड़का के तरफ का माझी हाड़म को जिम्मेदारी और दायित्व सौंपी जाती है।
अगर हमारे समाज की बेटी किसी भी तरह का समाज की बेटी द्वारा या आपके समाज के बेटा द्वारा किसी भी तरह का घटना होती है। तो कम से कम दो व्यक्ति को हमारे गांव या आपके गांव में खबर पंहुचाने का काम करेंगे।
लेकिन दुर्भाग्य है कि जिस तरह से पूर्व जिला परिषद सदस्य गुलाबी देवी के पति झामुमो बोकारो जिला अध्यक्ष रतनलाल माझी द्वारा हमारी बेटी पर गंभीर आरोप लगाया है कि किसी व्यक्ति के साथ संबंध था।
जब इनको पता था कि किसी के साथ संबंध है तो कम से कम गांव बरुआटांड़ के ग्राम प्रधान को अब तक सूचित क्यों नहीं किया?
जहां तक झामुमो बोकारो जिला अध्यक्ष रतनलाल माझी द्वारा सामाजिक बैठक का जिक्र कर रहे हैं, जबकि सच्चाई यह है कि कभी भी समाजिक बैठक के पक्ष में था ही नहीं । हां, हमारे गांव बरुआटांड़ कि तरफ से समाजिक बैठक के लिए भरपूर कोशिश की गई थी। जबकि इनके हुड़दंग के चलते कभी भी समाजिक बैठक नहीं हुआ। एक बार तो मायापुर के माझी हाड़म ने साफ इंकार कर दिया कि आपको हम बैठक के लिए नहीं बुलाये है ये बैठक नहीं हो सकती है। उसके बाद से अब तक कोई समाजिक बैठक नहीं हुआ और ये दोनों का मामला कोर्ट में चला।
आगे ग्राम प्रधान उपेन्द्र हेम्बरम ने कहा कि यदि झामुमो बोकारो जिला अध्यक्ष रतनलाल माझी किसी व्यक्ति को पकड़े हैं हमारी समाज कि बेटी किसी व्यक्ति के साथ संबंध है अब तक समाज को सौंप देना चाहिए था, क्यों अब तक लंबित रखा है ?
अब आदिवासी समाज चुप नहीं रहेगा।
हमारी बेटी पर चरित्रहीन का आरोप लगा रहे हैं। सबसे पहले कौन व्यक्ति को पकड़े हैं उसे ग्राम प्रधान (माझी हाड़म) बरुवाटांड़ के समक्ष सौंपा जाए।
और नहीं तो झूठा आरोप लगाना बंद करें अन्यथा मजबूरन आदिवासी समाज सड़क में उतरने या आंदोलन को बाध्य होंगे।
आगे उन्होंने कहा कि झामुमो हेमंत सरकार आयसबाजी लोगों को ही जिला का कामन सौंपते हैं क्या? पहले रामगढ़ के झामुमो नेता बिनोद किस्कू अब बोकारो जिला अध्यक्ष रतनलाल माझी का बरी। ऐसे लोगों को समाज से बाहिष्कार करना चाहिए।
अगर झामुमो बोकारो जिला अध्यक्ष रतनलाल माझी बेगुनाह है तो क्यों कल दिनांक 14 अप्रैल 2026 को एस पी के समक्ष पेश नहीं हुए? क्यों गुनाहगार कि तरह छुपते फिर रहे हैं।

इस बैठक में आदिवासी समाज कि निम्न लोग बुटन बेसरा, सुखदेव मुर्मू, कालीचरण किस्कू, फागु बेसरा, बीरेंद्र सोरेन, मनोज हांसदा, दीपक हेम्ब्रम, बलदेव बेसरा, बीरेंद्र सोरेन, संजय सोरेन, नकुल सोरेन, मनोज किस्कू, सुखराम मुर्मू, विजय मरांडी, सुशील किस्कू, सुकु किस्कू, अभय हेम्ब्रम, श्रीचंद किस्कू एवं अन्य सभी ग्रामीण उपस्थित थे।








