गढ़वा: बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की वोटिंग 11 नवंबर को होनी है। इस चरण में गया, औरंगाबाद और रोहतास जैसे जिले शामिल हैं, जो झारखंड के पलामू से सटे हुए हैं। मतदान के मद्देनज़र झारखंड के पलामू और गढ़वा जिलों में भी सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
आगामी 48 घंटों में बिहार से सटे झारखंड के सीमावर्ती इलाकों को पूरी तरह सील किया जाएगा ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके। इस दौरान नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में व्यापक अभियान चलाया जाएगा। अभियान में सीआरपीएफ, झारखंड जगुआर, बिहार एसटीएफ समेत कई सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम भाग लेगी।
वोटिंग से पहले सीमावर्ती इलाकों को सेनेटाइज (सुरक्षित घोषित) करने का अभियान तेज किया गया है। दोनों राज्यों की पुलिस ने प्रतिबंधित नक्सली संगठनों, उनके कमांडरों और समर्थकों की एक संयुक्त सूची तैयार की है। इसी सूची के आधार पर इन पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
बिहार चुनाव के दौरान किसी भी तरह की गतिविधि पर अंकुश लगाने के लिए पलामू और गढ़वा जिलों में इंटरस्टेट चेक पोस्ट स्थापित किए गए हैं। इन चेक पोस्टों पर पुलिस बलों के साथ-साथ दंडाधिकारियों की तैनाती की गई है। निगरानी को सशक्त करने के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, मतदान से 48 घंटे पहले इन चेक पोस्टों के माध्यम से बिहार-झारखंड की सीमाओं को पूरी तरह सील कर दिया जाएगा। पलामू में चार प्रमुख इंटरस्टेट चेक पोस्ट बनाए गए हैं, जबकि गढ़वा जिले में भी कई रणनीतिक बिंदुओं पर चेक पोस्ट स्थापित किए गए हैं।
प्रशासन का कहना है कि मतदान शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
बिहार चुनाव को लेकर पलामू-गढ़वा में हाई अलर्ट, सील होंगी सीमाएं








