
जमशेदपुर :रेलवे का वही पुराना ‘कुहासा राग’ और यात्रियों की वही पुरानी फजीहत—लेकिन इस बार लौहनगरी का सिख समुदाय चुप बैठने के मूड में कतई नहीं है। दुर्गा पूजा की खुमारी उतरते ही सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (CGPC) ने रेलवे के तुगलकी फरमानों के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है। निशाने पर है टाटानगर-अमृतसर जलियांवाला बाग एक्सप्रेस का वो विवादित फैसला, जिसके तहत 2 दिसंबर से 28 फरवरी तक ट्रेन को पटरी से उतारने (रद्द करने) की तैयारी है।
तैयारी सिर्फ विरोध जताने की नहीं, बल्कि दिल्ली दरबार तक दबाव बनाने की है। इसी रणनीति के तहत CGPC का एक हाई-प्रोफाइल प्रतिनिधिमंडल जनता दल यूनाइटेड (JDU) के प्रदेश कार्यालय जा धमका। मकसद साफ था—राज्यसभा सांसद और रेलवे बोर्ड स्टीयरिंग कमेटी के ताकतवर सदस्य खीरू महतो के जरिए रेल मंत्रालय की चूलें हिलाना।
शॉल-बुके से सम्मान, फिर थमाया ‘मांगों का फरमान’
CGPC प्रधान भगवान सिंह की अगुवाई में पहुंचे दल ने पहले तो पारंपरिक सिख मर्यादा के तहत सांसद खीरू महतो को शॉल और बुके देकर सम्मानित किया, लेकिन इसके तुरंत बाद टेबल पर रखी गई जमशेदपुर के रेल यात्रियों के हक की फाइल।
कमेटी ने दो टूक शब्दों में कहा कि कोहरे का बहाना बनाकर महीनों तक पंजाब रूट की लाइफलाइन को ठप करना कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल ने न सिर्फ इस ट्रेन को रद्द करने के फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग की, बल्कि इसे हफ्ते में 4 दिन चलाने का अल्टीमेटम भी रख दिया। इतना ही नहीं, कभी टाटानगर की शान रही टाटा-जम्मूतवी एक्सप्रेस को दोबारा रोजाना अपने पुराने रूट से चलाने का पक्का राग भी छेड़ा गया।
“मंत्रालय से कराएंगे फैसला”—खीरू महतो का भरोसा
स्टीयरिंग कमेटी के सदस्य होने के नाते खीरू महतो ने भी मामले की नजाकत को समझा। पूरे ज्ञापन को बारीकी से खंगालने के बाद सांसद ने साफ लफ्जों में भरोसा दिया:
“यह मांग सीधे-सीधे जनता और आस्था से जुड़ी है। मैं खुद इस बाबत रेल मंत्री और रेलवे बोर्ड के आला हुक्मरानों से मिलकर त्वरित और सकारात्मक फैसला करवाऊंगा।”
नेताओं और नुमाइंदों का लगा रहा जमावड़ा
इस सियासी व सामाजिक दबाव की बिसात पर CGPC के चेयरमैन सरदार शैलेंद्र सिंह, वरीय उपाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह राजू और महासचिव गुरुचरण सिंह बिल्ला अगली कतार में दिखे। वहीं जदयू खेमे से भी पूरा सियासी दम नजर आया, जहां पूर्वी सिंहभूम जदयू जिलाध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव, महासचिव कुलविंदर सिंह पन्नू, महानगर अध्यक्ष अजय कुमार, श्रमिक प्रकोष्ठ अध्यक्ष दिनेश सिंह, सचिव हरविंदर सिंह और कोषाध्यक्ष संजीव सिंह समेत कई प्रमुख चेहरे इस मांग पत्र सौंपने के गवाह बने।
अब निगाहें टिकी हैं रेल भवन पर—क्या जमशेदपुर का यह ‘दबाव तंत्र’ कोहरे के बहाने बंद हो रही ट्रेनों को पटरी पर दौड़ा पाएगा, या फिर हर साल की तरह यात्रियों को स्टेशन पर ठिठुरने छोड़ दिया जाएगा?




