

रांची: कथित जमीन घोटाले के मामले में मनी लांड्रिंग के तहत प्रवर्तन निदेशालय ईडी ने एक बार फिर सीएम हेमंत सोरेन को पूछताछ के लिए समन दिया था। उन्हें 29 से 31 जनवरी के बीच पूछताछ के लिए बुलाया गया था। जिसके जवाब में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के द्वारा कथित रूप से 31 जनवरी को प्रवर्तन निदेशालय को पूछताछ के लिए समय दिया है। उन्होंने अपनी आवास पर ईडी को बुलाया है। इस बार हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी की संभावना की पुरजोर चर्चा है क्योंकि पूरी रांची पुलिस अलर्ट पर है। मुख्यमंत्री आवास राज भवन से लेकर प्रवर्तन निदेशालय दफ्तर तक धारा 144 लगी थी। वहीं अतिरिक्त पुलिस बल भी मंगा लिया गया है।
इसके अलावा मुख्यमंत्री के कथित दिल्ली की निजी दौरे के दौरान प्रवर्तन निदेशालय ने शांति निकेतन दिल्ली स्थित उनके आवास पर मुख्यमंत्री से पूछताछ के लिए या गिरफ्तार करने के लिए छापामारी की थी लेकिन मुख्यमंत्री रहस्यमय ढंग से गायब हो गए थे और वे मंगलवार को रांची में नजर आए। प्रवर्तन निदेशालय ने इस छापामारी के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का बीएमडब्ल्यू कर जप्त किया है जिसमें 36 लाख रुपए मिलने की खबर है। इसके अलावा प्रवर्तन निदेशालय ने कई आवश्यक कागजात भी जप्त किए हैं।
दूसरी ओर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार नजर आ रहे हैं उन्होंने महागठबंधन की बैठक में तमाम विधायकों को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा है। वहीं सीएम हेमंत सोरेन ने अपनी गिरफ्तारी के बाद कथित रूप से अपनी पत्नी कल्पना सोरेन को मुख्यमंत्री बनाने का दांव चल दिया है।
इधर इस मामले को लेकर झारखंड की सियासत फिर से एक बार गर्म है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पूछताछ के खिलाफ उनके समर्थक कई आदिवासी संगठन और महागठबंधन के नेता यह कहते हुए पुरजोर विरोध पर उतारू है कि मुख्यमंत्री को साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से धरना प्रदर्शन जारी है। इसी बीच राज भवन भी सख्त नजर आ रहा है राज्यपाल सी पी राधाकृष्णन ने भी कहा है कि मुख्यमंत्री को तो जवाब देना ही होगा।
संबंधित समाचार
Satish Sinha
November 5, 2026



