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‘मेरे घर पर हमला करवा सकती है कांग्रेस, राहुल गांधी को डरपोक बताने के बाद बोले शकील अहमद

On: January 27, 2026 10:37 AM
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पटना: बिहार की राजनीति में उस वक्त बड़ा सियासी भूचाल आ गया, जब पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. शकील अहमद ने पार्टी की शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया। राहुल गांधी की कार्यशैली पर तीखा हमला करने के बाद अब शकील अहमद ने अपनी जान और संपत्ति को खतरे में बताया है। उन्होंने दावा किया है कि कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व के इशारे पर उनके घरों पर हमला कराया जा सकता है


शकील अहमद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट साझा कर सनसनीखेज आरोप लगाए। उन्होंने लिखा कि उन्हें गुप्त रूप से यह जानकारी दी गई है कि 27 जनवरी को पुतला दहन के बहाने बिहार कांग्रेस और युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को उनके पटना और मधुबनी स्थित आवास पर हमला करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने इसे लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की आज़ादी के खिलाफ बताया।


पॉडकास्ट बयान से भड़का विवाद


पूरा विवाद उस वक्त शुरू हुआ जब शकील अहमद ने एक पॉडकास्ट में राहुल गांधी को लेकर बेहद तीखी टिप्पणी की। उन्होंने राहुल गांधी को कांग्रेस का सबसे असुरक्षित नेता बताते हुए कहा कि वे पार्टी के भीतर मजबूत और प्रभावशाली नेताओं को पसंद नहीं करते। इसके बाद उन्होंने एक न्यूज़ चैनल को दिए इंटरव्यू में राहुल गांधी की लीडरशिप पर सीधे सवाल खड़े कर दिए।


शकील अहमद ने राहुल गांधी को डरपोक और असुरक्षित बताते हुए कहा कि पार्टी में वही नेता आगे बढ़ पाते हैं, जिनसे राहुल गांधी को किसी तरह की चुनौती महसूस नहीं होती। उनके अनुसार, जहां राहुल गांधी को ‘बॉस’ वाली फीलिंग नहीं आती, वहां वे धीरे-धीरे नेताओं को किनारे कर देते हैं।


खरगे पर भी उठाए सवाल


शकील अहमद यहीं नहीं रुके। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए। उनका आरोप है कि खरगे केवल नाम के अध्यक्ष हैं, जबकि पार्टी के तमाम बड़े फैसले पर्दे के पीछे से राहुल गांधी ही लेते हैं। इस बयान ने कांग्रेस के अंदरूनी समीकरणों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।


‘संविधान बचाओ’ अभियान पर निशाना


राहुल गांधी के ‘संविधान बचाओ’ अभियान को लेकर भी शकील अहमद ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन का ज़मीन पर कोई खास असर नहीं दिख रहा है। मुस्लिम समाज का हवाला देते हुए उन्होंने दावा किया कि मुसलमान भी राहुल गांधी के आरोपों और राजनीति से पूरी तरह सहमत नहीं हैं।


शकील अहमद ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस के कई बड़े नेता मुस्लिम नेताओं के साथ मंच साझा करने या फोटो खिंचवाने से कतराते हैं। उनका कहना है कि ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि हिंदू वोट बैंक पर कोई असर न पड़े।


पार्टी छोड़ने से किया इनकार


हालांकि, तमाम आरोपों और नाराज़गी के बावजूद शकील अहमद ने साफ किया कि उनकी नाराजगी केवल राहुल गांधी से है, कांग्रेस पार्टी से नहीं। उन्होंने किसी अन्य राजनीतिक दल में शामिल होने की अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया।

शकील अहमद के इन आरोपों के बाद बिहार कांग्रेस में खलबली मची हुई है और राजनीतिक गलियारों में इस बयानबाजी के दूरगामी असर को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

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