

वरिष्ठ छोड़ चुके हैं पार्टी और कई अलग थलग
पोटका में जिला अध्यक्ष के खिलाफ बगावत
खास गुट को अहमियत देने का आरोप
पहुंच रहे हैं प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश प्रभारी
रिपोर्ट:सतीश सिन्हा
जमशेदपुर:पूर्वी सिंहभूम जिले में आगामी चुनाव में फिर से एक बार कांग्रेस का बंटाधार होना तय माना जाने लगा है। इसका कारण यह बताया जा रहा है कि पार्टी के कई वरिष्ठ नेता पार्टी छोड़ चुके हैं और कई लोग अलग-अलग पड़े हुए हैं। कुछ गिने चुने लोगों को ही जिला अध्यक्ष के साथ विभिन्न कार्यक्रमों में देखे जाने का आरोप लग रहा है। जिसमें खास गुट को ही अहमियत दी जा रही है। इसके पूर्व कांग्रेस जिला अध्यक्ष आनंद बिहारी दुबे पर पिछले लोकसभा विधानसभा चुनाव में कई गंभीर आरोप लग चुके हैं और यह बात पार्टी के राष्ट्रीय आला कमान से लेकर प्रदेश स्तर तक चली गई है।
वहीं दूसरी ओर सूत्रों का कहना है कि नये जिला अध्यक्ष के रेस में कांग्रेस के पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस नगर कार्यकारी अध्यक्ष धर्मेंद्र सोनकर भी शामिल हैं।
सूत्रों का कहना है कि इनसे कई कांग्रेसी नेता मिल भी चुके हैं जिसमें मुख्य रूप से कांग्रेस आरटीआई सेल के कमलेश कुमार,जिला महासचिव राजा ओझा आदि शामिल हैं।
बता दें कि कांग्रेस के एक वरिष्ठ पुराने नेता भरत सिंह कांग्रेस छोड़ चुके हैं और झारखंड क्रांतिकारी लिबरेशन मोर्चा जयराम महतो के साथ फिलहाल चल रहे हैं।
इसके अलावा खबर है कि कई और वरिष्ठ नेता पार्टी के कार्यक्रमों में पहुंच नहीं रहे हैं या बुलाए नहीं जा रहे हैं। जिसमें मुख्य रूप से कांग्रेस जिला सचिव चंदन यादव, जिला सचिव अंकुश बनर्जी, जिला महासचिव राजा ओझा, आरटीआई सेल के कमलेश कुमार और ऐसे ही कई नेता हैं।जो जिला अध्यक्ष या कांग्रेस के कार्यक्रमों में दिखाई नहीं दे रहे हैं। जिससे यह सवाल उठ रहा है।
इसी बीच बगावत के सुर पोटका से भी उठने लगे हैं। मामला कुछ इस प्रकार है।
वहीं सूत्रों का कहना है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश और प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजू का 30 अगस्त को पूर्वी सिंहभूम जिले के शंकरदा में आगमन होने वाला है। बताया जा रहा है कि सांगठनिक फेरबदल की पुरजोर संभावना व्यक्त की जा रही है जिसमें पूर्वी सिंहभूम जिला अध्यक्ष आनंद बिहारी दुबे को भी हटाया जा सकता है। हालांकि चर्चा है कि आनंद बिहारी दुबे पिछले कुछ दिनों से कुछ ज्यादा ही एक्टिव नजर आ रहे हैं और विभिन्न क्षेत्रों का दौरा और जन समस्याओं को उठाने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन उनके कार्यक्रमों में कुछ गिने चुने कांग्रेसियों के मौजूद रहने से सवालिया निशान लग रहा है और उनके फिर से पद पर कायम रहने पर संकट मंडरा रहा है।
इधर दूसरी ओर प्रदेश प्रभारी राजू और प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के आगमन को लेकर जिला अध्यक्ष आनंद बिहारी दुबे द्वारा हाता में किसान प्रकोष्ठ कांग्रेस के साथ बैठक कर चले जाने के बाद तो बवाल ही हो गया है। कांग्रेस के प्रखंड अध्यक्ष सौरभ चटर्जी और उपाध्यक्ष उदय मुर्मू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जिला अध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए हमला बोलते हुए कहा कि जिला अध्यक्ष द्वारा पोटका कांग्रेस कमेटी को तोड़ने के लिए गुटबाजी कर रहे हैं।कांग्रेस कमेटी द्वारा पोटका मैदान में एक बैठक आयोजित की गई थी जो 30 अगस्त को होने वाले कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी जुटे थे। कांग्रेस पार्टी के पोटका कमेटी द्वारा कांग्रेस में गुटबाजी एवं गलत मानसिकता का जिला अध्यक्ष पर आरोप लगाया कहा कि प्रखंड कमेटी किसान, मजदूर और बेरोजगारों के हित की लड़ाई लड़ता रहा है और पंचायत से लेकर बूथ कमेटी का गठन कांग्रेस कि मूल कमेटी द्वारा किया जा रहा है
कांग्रेस कमेटी को लोकसभा से लेकर विधानसभा तक पार्टी के कार्यकर्ताओं को जिला अध्यक्ष द्वारा दरकिनार किया गया है। यह कांग्रेस पार्टी को तोड़ने की एक साजिश है।जिला अध्यक्ष के द्वारा किए गए कार्यों को लेकर पार्टी हाई कमान तक मामले को पहुंचाकर अपनी बातों को रखा जाएगा। 30 अगस्त को होने वाले कार्यक्रम को लेकर सभी ने कहा कि कार्यक्रम को सफल बनाया जाएगा। इसमें हम सब एकजुट होकर लग गए हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिला सचिव जयराम हांसदा, प्रखंड सचिन लालटू दास, मंडल अध्यक्ष लासा मुर्मू, मानसिंह मुर्मू, सनातन मुंडा, मधु कैवर्त आदि उपस्थित थे।
इधर इस संदर्भ में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष आनंद बिहारी दुबे से फोन से संपर्क कर उनका पक्ष लेने का प्रयास किया गया लेकिन उन्होंने कॉल नहीं उठाया।
दूसरी ओर खबर यहां आ रही है कि जल्द ही कांग्रेस के एक केंद्रीय पर्यवेक्षक और एक राज्य पर्यवेक्षक पूरे जिला के पदाधिकारियों और मंडल के पदाधिकारियों से मिलने वाले हैं और उनकी जिला अध्यक्ष के बारे में या पार्टी को मजबूत करने के लिए राय शुमारी करने वाले हैं। बताया जा रहा है कि राज्य पर्यवेक्षक के रूप में झारखंड के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर को बनाया गया है और केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के सदस्य हैं।
इसके बाद बड़ा एक्शन होने की संभावना है। इसका कारण यह बताया जा रहा है कि कांग्रेस ने झारखंड में संगठन को मजबूत करने और धार देने के लिए 12 पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं। जो विभिन्न जिलों के जिला पदाधिकारियों और मंडल के पदाधिकारियों से मिलने वाले हैं। इसके बाद संगठन में व्यापक फेर बदल की संभावना जताई जा रही है।
इधर यूथ कांग्रेस के चुनाव को देखते हुए भी कांग्रेसी सक्रिय हो गया है और लाबिंग जारी है।
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Pratap Singh
November 4, 2026




