पणजी: गोवा के नॉर्थ गोवा जिले के अरपोरा इलाके में शनिवार देर रात एक नाइट क्लब और रेस्तरां में भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रेस्तरां के अंदर हुए सिलेंडर ब्लास्ट के चलते आग तेजी से फैली, जिससे कुल 25 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। कई घायल लोगों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने इस पूरे मामले की गहन जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
आधी रात को पुलिस को मिली सूचना
गोवा DGP आलोक कुमार के अनुसार, रात 12:04 बजे पुलिस कंट्रोल रूम को आग लगने की सूचना मिली। इसके बाद तुरंत पुलिस, फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस मौके पर पहुंचीं। आग पर काबू पाने में काफी वक्त लगा, लेकिन सभी शवों को बाहर निकाल लिया गया है। DGP ने बताया कि घटना के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
CM प्रमोद सावंत घटनास्थल पर पहुंचे, जांच के आदेश
मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत भी रात में घटनास्थल पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने कहा, कुल 23 लोगों की मौत हो चुकी है। जिन परिवारों ने अपने प्रियजन खोए हैं, मैं उनके प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। सरकार पूरे मामले की गहराई से जांच करेगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। गोवा में पर्यटन स्तर पर इस तरह की घटना होना बहुत बड़ा हादसा है।
पीएम मोदी ने जताया दुख, हर संभव मदद का भरोसा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर घटना पर गहरा दुख जताया और कहा,“अरपोरा में आग की घटना बेहद दुखद है। मेरी संवेदनाएँ उन सभी लोगों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजन खो दिए हैं। घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूँ। मैंने गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत से बात की है। राज्य सरकार प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता दे रही है।”
क्लब की सेफ्टी पर उठे सवाल
स्थानीय भाजपा विधायक माइकल लोबो ने बताया कि मृतकों में 22 पुरुष और 3 महिलाएं शामिल हैं। उनके अनुसार, कुछ पर्यटक भी इस हादसे का शिकार हुए, जबकि अधिकांश लोग वहीं के कर्मचारी थे जो बेसमेंट में काम कर रहे थे।
लोबो ने कहा, गोवा के सभी नाइट क्लब और रेस्तरां का सेफ्टी ऑडिट बेहद जरूरी है। पर्यटक गोवा को सुरक्षित मानते हैं, लेकिन ऐसी घटनाएं चिंता बढ़ाती हैं। कामगारों और पर्यटकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
घटना ने सुरक्षा मानकों पर खड़े किए गंभीर सवाल
यह हादसा न केवल प्रशासनिक लापरवाही की ओर इशारा करता है, बल्कि पर्यटन क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्थाओं की भी पोल खोलता है। स्थानीय लोगों और पर्यटकों में हादसे को लेकर भय और आक्रोश है।
फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है और सरकार ने मृतकों के परिवारों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है।












