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DELNET का साइबरपीस फाउंडेशन के संग ऑनलाइन कार्यक्रम “बेहतर साइबर सुरक्षा के लिए एआई कौशल”श्वेत पत्र लॉन्च

विश्व युवा कौशल दिवस पर एआई आधारित साइबर सुरक्षा श्वेत पत्र लॉन्च, युवाओं को एआई कौशल देकर सुरक्षित डिजिटल भविष्य की तैयारी

रांची: आज साइबर हमले बढ़ रहे हैं और हर क्षेत्र में एआई का उपयोग भी बढ़ रहा है। युवाओं को एआई कौशल देना ज़रूरी है ताकि वे भविष्य के लिए तैयार हों और साइबर सुरक्षा मज़बूत हो। इसी मकसद से DELNET (डेवलपिंग लाइब्रेरी नेटवर्क) ने साइबरपीस फाउंडेशन के साथ मिलकर ऑनलाइन कार्यक्रम में “बेहतर साइबर सुरक्षा के लिए एआई कौशल” श्वेत पत्र लॉन्च किया। लॉन्च के बाद साइबरपीस के संस्थापक व वैश्विक अध्यक्ष मेजर विनीत कुमार ने इसी विषय पर विशेषज्ञ सत्र लिया।

श्वेत पत्र का लक्ष्य नीति बनाने में मदद करना और सब हितधारकों को दिशा देना है। यह श्वेत पत्र भारत को एआई-आधारित साइबर सुरक्षा में अग्रणी बनाने के लिए रोडमैप तैयार करता है। इसमें ईयूएआई ऐक्ट और सिंगापुर के एआई गवर्नेंस फ्रेमवर्क जैसे वैश्विक उदाहरण शामिल हैं। 2024 की डिलॉइट रिपोर्ट के मुताबिक 68% वरिष्ठ अधिकारी एआई और साइबर सुरक्षा में बड़ी कौशल कमी देखते हैं। श्वेत पत्र इस कमी को दूर करने पर ज़ोर देता है।

भारत, नीति आयोग की “एआई फॉर ऑल” रणनीति और GPAI भागीदारी के ज़रिये ज़िम्मेदार एआई को बढ़ावा दे रहा है। पर कौशल अंतर, नैतिक सवाल, एआई पर दुश्मन हमले और नियमों की जटिलता को भी हल करना ज़रूरी है। भारत 2026 में AI Impact Summit की मेजबानी करेगा।

इस रोडमैप में प्रशिक्षण कार्यक्रम, नवाचार हब और वैश्विक साझेदारी जैसे ठोस कदम सुझाए गए हैं। इससे सुरक्षित डिजिटल भविष्य बनेगा।

मेजर विनीत कुमार ने कहा, “साइबर खतरे तेजी से बदल रहे हैं। युवाओं को आधुनिक एआई कौशल देकर हम मज़बूत डिजिटल भविष्य बना सकते हैं। यह श्वेत पत्र कौशल की कमी को पाटेगा, शोध बढ़ाएगा और सभी क्षेत्रों में सुरक्षित एआई उपयोग को सुनिश्चित करेगा।”

DELNET की निदेशक डॉ. संगीता कौल ने कहा, “इस श्वेत पत्र से स्पष्ट है कि DELNET युवाओं को एआईआधारित डिजिटल कौशल देना चाहता है। साइबरपीस फाउंडेशन के साथ मिलकर हमने ऐसा रोडमैप बनाया है जो भारत के युवाओं को आधुनिक साइबर सुरक्षा क्षमता देगा। हमें मिलकर ज्ञान बाँटने वाले माहौल में बदलाव लाना होगा।”

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Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।