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डीजी-आईजी कॉन्फ्रेंस को लेकर DGP-ACS ने की डिब्रीफिंग, नए आपराधिक कानूनों के शत-प्रतिशत अनुपालन पर जोर

On: February 11, 2026 11:08 PM
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रांची: डीजी-आईजी कॉन्फ्रेंस 2025 के परिप्रेक्ष्य में रांची स्थित पुलिस मुख्यालय सभागार में राज्यस्तरीय डिब्रीफिंग एवं समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक की संयुक्त अध्यक्षता गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल तथा झारखंड के पुलिस महानिदेशक तदाशा मिश्रा ने की।
बैठक में राज्य के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों और वरिष्ठ अधिकारियों को वर्ष 2025 में होने वाले महत्वपूर्ण पुलिस सम्मेलनों में तय बिंदुओं को जमीनी स्तर तक शत-प्रतिशत लागू करने का निर्देश दिया गया। विशेष रूप से नए आपराधिक कानूनों (न्याय संहिता) के शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने जोर दिया गया।

जांच की गुणवत्ता और दोषसिद्धि दर बढ़ाने पर फोकस

डीजीपी ने स्पष्ट किया कि पुलिसिंग केवल वारंट निष्पादन तक सीमित न रहकर दोषसिद्धि आधारित वैज्ञानिक जांच पर केंद्रित होनी चाहिए। इसके लिए बीट पुलिसिंग को मजबूत करने, जांच तंत्र में संरचनात्मक सुधार, जिला एवं अनुमंडल स्तर पर नियमित समीक्षा बैठकें, मामलों की गुणवत्ता-आधारित मॉनिटरिंग पर बल दिया गया, ताकि अदालतों में मामलों की सफलता दर बेहतर हो सके।

तकनीक आधारित पुलिसिंग को बढ़ावा

बैठक में आधुनिक तकनीकी प्रणालियों के प्रभावी उपयोग पर विशेष चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे जांच और खुफिया तंत्र को मजबूत करने के लिए निम्न प्रणालियों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करें

• NATGRID (नेशनल इंटेलिजेंस ग्रिड)
• NAFIS (फिंगरप्रिंट पहचान प्रणाली)
• CCTV नेटवर्क एकीकरण
• ई-कोर्ट प्रणाली से समन्वय
• होटल आधारित डेटा एनालिटिक्स

इन प्रणालियों के माध्यम से अपराध नियंत्रण, अपराधियों की पहचान और ट्रैकिंग को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
नशा, साइबर अपराध और सोशल मीडिया दुरुपयोग पर अभियान
बैठक में बढ़ते नशा तस्करी नेटवर्क, साइबर धोखाधड़ी और सोशल मीडिया के दुरुपयोग को गंभीर चुनौती बताया गया। सभी जिलों को निर्देश दिया गया कि वे विशेष अभियान चलाएं, जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करें, स्कूल, कॉलेज और सामुदायिक स्तर पर संवाद बढ़ाएं ताकि समाज में जागरूकता के माध्यम से अपराधों की रोकथाम की जा सके।

सामाजिक सरोकार और सकारात्मक पुलिसिंग

पुलिस की सामाजिक भूमिका को रेखांकित करते हुए अनाथालयों, युवा संगठनों, खेल एवं सांस्कृतिक संस्थाओं को सहयोग देने पर भी बल दिया गया। अधिकारियों से कहा गया कि वे सामुदायिक पुलिसिंग मॉडल को मजबूत करें और पुलिस की सकारात्मक पहलों को सोशल मीडिया के माध्यम से नियमित रूप से साझा करें, जिससे जनता और पुलिस के बीच विश्वास बढ़े।

वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति

बैठक में एडीजी टी. कांडसामी, आईजी क्रांति कुमार गांधीदेशी, झारखंड पुलिस अकादमी के निदेशक अलोक कुमार झा, आईजी कुमार प्रभात, आईजी विक्रांत मिंज, आईजी ए. विजयालक्ष्मी, आईजी सुदर्शन मंडल, आईजी अनूप बिरथरे सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

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