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धनबाद रिंग रोड मुआवजा घोटाला: एसीबी की बड़ी कार्रवाई, 18 आरोपी गिरफ्तार

On: January 9, 2026 12:19 PM
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धनबाद: रिंग रोड निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण में हुए कथित मुआवजा घोटाले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए धनबाद समेत कई इलाकों में एक साथ छापेमारी की है। इस कार्रवाई में अब तक 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में भू-राजस्व विभाग से जुड़े अधिकारी, कर्मचारी और कई बिचौलिए शामिल बताए जा रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार ने धनबाद शहर में रिंग रोड के निर्माण के लिए बड़ी मात्रा में रैयती जमीन का अधिग्रहण किया था। नियमानुसार जमीन मालिकों को मुआवजा दिया जाना था, लेकिन मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आईं। आरोप है कि फर्जी दस्तावेज तैयार कर, जमीन से जुड़े रिकॉर्ड में हेरफेर कर और बिचौलियों की मदद से वास्तविक रैयतों के बजाय अन्य लोगों के नाम पर मुआवजे की राशि निकाल ली गई।


जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस पूरे घोटाले में सरकारी खजाने को करीब 300 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया गया है। मुआवजा वितरण के दौरान जमीन के रकबे, स्वामित्व और पात्रता से जुड़े दस्तावेजों में जानबूझकर गलतियां की गईं, ताकि अधिक रकम का भुगतान कराया जा सके। कई मामलों में ऐसे लोगों को भी मुआवजा दिया गया, जिनका जमीन से कोई लेना-देना नहीं था।


यह मामला पहली बार वर्ष 2014 में उजागर हुआ था। शुरुआती शिकायतों और जांच के बाद राज्य सरकार ने पहले निगरानी ब्यूरो को इसकी जांच सौंपी थी। बाद में मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) को दी गई। प्रारंभिक जांच में गड़बड़ी की पुष्टि होने पर उस समय के तत्कालीन जिला भू-अर्जन पदाधिकारी उदयकांत पाठक, लाल मोहन नायक सहित कई अधिकारियों को निलंबित किया गया था।
एसीबी की ताजा कार्रवाई को इस मामले में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। छापेमारी के दौरान कई अहम दस्तावेज, फाइलें और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य भी जब्त किए जाने की सूचना है। एसीबी अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर और भी बड़े नाम सामने आ सकते हैं तथा आने वाले दिनों में गिरफ्तारियों की संख्या बढ़ने की संभावना है।


फिलहाल एसीबी पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घोटाले की रकम किन-किन माध्यमों से और किन लोगों तक पहुंची। इस कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है और मुआवजा घोटाले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

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