
ऑल इंडिया सिख स्टूडेंट्स फेडरेशन के पूर्वी भारत अध्यक्ष सतनाम सिंह गंभीर ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिख कर करतारपुर कॉरिडोर खोलने की माँग की है
सतनाम सिंह गंभीर ने बताया कि गुरुद्वारा दरबार साहिब करतारपुर (पाकिस्तान) के लिए सिख श्रद्धालुओं की आवाजाही वाले ‘करतारपुर कॉरिडोर’ को मई 2025 से अनिश्चितकाल के लिए बंद रखे जाने के कारण भारत और दुनिया भर के सिख समुदाय में भारी रोष और चिंता पाई जा रही है। बिना वीज़ा धार्मिक दर्शन के लिए शुरू किया गया यह कॉरिडोर बंद होने से हज़ारों श्रद्धालु अपने पवित्र धार्मिक स्थान के दर्शनों से वंचित हो रहे हैं।
सतनाम सिंह गंभीर ने कहा कि पंजाब सरकार और स्थानीय लोग इस मुद्दे पर लगातार आवाज़ उठा रहे हैं, पर कॉरिडोर खोलने का अंतिम फैसला केंद्र (नई दिल्ली) सरकार के हाथ में है। सतनाम सिंह गंभीर ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला दिया जा रहा है, परंतु धार्मिक स्वतंत्रता एक बुनियादी मानव अधिकार है और सुरक्षा कारणों के नाम पर धार्मिक दर्शनों पर पूर्ण रोक लगाने की बजाय स्पष्ट नियम और शर्तें तय की जानी चाहिए।
सतनाम सिंह गंभीर ने कहा कि दोनों देशों को सियासी बयानबाज़ी से ऊपर उठकर उचित कूटनीतिक चैनलों के माध्यम से बातचीत करनी चाहिए और सुरक्षा जांच के पुख्ता इंतज़ाम करके कॉरिडोर को फिर से चालू करना चाहिए।
सतनाम सिंह गंभीर ने बताया कि गुरुद्वारा दरबार साहिब करतारपुर सिख धर्म का एक अति महत्वपूर्ण स्थान है, जहाँ सिख धर्म के संस्थापक श्री गुरु नानक देव जी ने अपने जीवन के अंतिम वर्ष बिताए थे। यह कॉरिडोर दोनों देशों के बीच सियासी मतभेदों से ऊपर उठकर धार्मिक आस्था और आपसी विश्वास बनाने का एक बड़ा ज़रिया बना था।




